UPSC QUIZ: किसी भी देश की आजादी और उसकी सीमाओं की रक्षा का सबसे बड़ा आधार उस देश की सेना होती है। एक अनुशासित सेना न केवल युद्ध के मैदान में अपने देश के लिए ढाल की तरह खड़ी रहती है, बल्कि शांति के समय में भी सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक मानी जाती है। देश की सीमा पर तैनात सैनिकों के कारण भी देश के लोग चैन की सांस ले रहे होते हैं। बिना किसी खतरे के बेफिक्र होकर जीते हुए क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया भर के देशों की सैन्य ताकत को कैसे मापा जाता है? वह कौन सा पैमाना है जो किसी देश को 'महाशक्ति' बनाता है और इस लिस्ट में सबसे ऊपर कौन सा देश। साथ ही भारत का स्थान क्या है?
कितनी होती हैं सशस्त्र बलों की शाखाएं?
हर देश में सशस्त्र बलों की कई शाखाएं होती हैं। इसमें सेना, नौसेना, वायु सेना, मरीन और अंतरिक्ष बल शामिल है। इसके अलावा भी कई खुफिया एजेंसियां होती हैं, जिसके बारे में अधिकांश लोगों को मालूम नहीं होता है।
सशस्त्र बलों का क्या काम होता है?
भारत में सशस्त्र बलों का कार्य युद्ध, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सुसज्जित और एक संगठित बल हैं। सेना को बाहरी खतरों से देश की रक्षा करने का जिम्मा सौंपा गया है।
किसी देश की सैन्य शक्ति का आकलन कैसे होता है?
किसी देश की सैन्य शक्ति का आकलन इस बात से होता है कि उस देश के पास सैनिक कितने हैं, हथियारों की संख्या क्या है और आर्थिक शक्ति कितनी है। देश की सैन्य शक्ति एक्टिव सैनिकों की संख्या के साथ उनके प्रशिक्षण और तैयारी के स्तर को दर्शाती है। इसके साथ ही हर सेना यानी थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए भूमि, समुद्र और वायु में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और उपकरणों की मात्रा भी इसे दर्शाती है।

मिलिट्री पावर में कौन सा देश पहले नंबर पर है
सैन्य शक्ति के मामले में कौन-सा देश अव्वल है?
Global Firepower Index द्वारा देशों को रैंक किया जाता है। इसकी रैंकिंग (Global Military Ranking 2026) थल, वायु, समुद्र में उनकी सैन्य शक्ति और आर्थिक क्षमता, रसद क्षमता और भौगोलिक प्रभावों के आधार की जाती है। ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स की रैंकिंग (2026) के अनुसार, दुनिया में जिस देश की सैन्य शक्ति यानी मिलिट्री पावर का दबदबा बरकरार है वह संयुक्त राज्य अमेरिका है।
कितने देशों की होती है रैंकिंग
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स द्वारा 145 देशों की रैंकिंग की गई, जिसमें अमेरिका 0.0741 स्कोर के साथ सैन्य शक्ति में दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश के रूप में खड़ा है। यह इस साल की बात नहीं है। 2005 से सैन्य शक्ति की रैंकिंग में अमेरिका ने पहले स्थान पर किसी को आने नहीं दिया और इस स्थान पर डट कर खड़ा हुआ है।
कैसे बना अमेरिका सैन्य क्षमता में शक्तिशाली?
अमेरिका कुल सैनिकों की संख्या - लगभग 2,132,530
रक्षा बजट - लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर
थल सेना - लगभग 4,666 टैंक, 1,521 स्वचालित तोपें और 1,731 रॉकेट तोपें।
वायु सेना - 13,0323 विमान, जिसमें 1791 लड़ाकू विमान है। हमलावर हेलीकॉप्टर 5913 और 610 टैंकर शामिल है।
नौसेना शक्ति - 466 पोत है, जिसमें 83 विध्वंसक पोत, 66 पनडुब्बियां, 20 विमानवाहक पोत और 27 कोरवेट शामिल है।
सामरिक क्षमताएं - 13 हजार से अधिक विमान और 450 नौसैनिक जहाज शामिल है। इस क्षमता के साथ अमेरिका तेजी से सेना तैनात कर सकता है।
परमाणु शक्ति - अमेरिका दुनिया के परमाणु शक्ति वाले देशों में शामिल है। साथ ही परमाणु हथियारों का भंडार वाला दूसरा देश है।
भारत का स्थान
ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स की 2026 रैंकिंग के अनुसार, भारत का चौथा स्थान है। जहां अमेरिका ने पहला स्थान हासिल किया है, वहीं रूस का दूसरा और चीन का तीसरा स्थान है। उसके बाद 0.1346 स्कोर के साथ भारत ने अपना चौथे स्थान बनाया है। इसका अर्थ यह है सैन्य शक्ति के मामले में भारत भी कम नहीं है। क्योंकि उसने अपना स्थान टॉप 5 की लिस्ट में बनाया है।
