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किसान की बेटी ने यूपीएससी में गाड़ा झंडा, शिवराज सिंह चौहान ने बुलाकर खिलाई मिठाई

UPSC Hindi Medium Topper Prachi Chouhan: शिवराज सिंह चौहान आज मध्य प्रदेश के विदिशा की बेटी प्राची से मिले। उन्होंने प्राची को सम्मान दिया और कहा कि एक साधारण किसान परिवार से आने वाली हमारी बेटी... बहुत सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन माता-पिता का आशीर्वाद था और मन में दृढ़ संकल्प। चलिये बात करते हैं किसान की बेटी और यूपीएससी में झंडा गाड़ने वाली प्राची से...

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UPSC Topper Prachi Chouhan

Hindi Medium Topper Prachi Chauhan : अगर सपने बड़े हों और उन्हें पूरा करने के लिए दिन रात एक कर दिया जाए तो रास्ते की मुश्किलें भी आड़े नहीं आती हैं। एक ऐसी ही कहानी है प्राची की, जो गरीब परिवार से आती हैं। एकदम नॉर्मल बैकग्राउंड से। मगर यहां से निकलकर उन्होंने UPSC जैसी मुश्किल परीक्षा को पास कर जो मुकाम हासिल किया है, वो काबिलेतारीफ है। UPSC जैसी मुश्किल परीक्षा में भी प्राची ने 260 रैंक हासिल की। उन्होंने अपनी सक्सेस से ये साबित कर दिया कि बिना बड़े और ज्यादा संसाधनों और कोचिंग के भी अपनी मंजिल तक पाया जा सकता है। बस जरूरत है तो लगन और डिसिप्लिन की। यूं ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्राची की तारीफ नहीं की।

प्राची से मिले केंद्रीय कृषि मंत्री

शिवराज सिंह चौहान आज मध्य प्रदेश के विदिशा की बेटी प्राची से मिले। उन्होंने प्राची को सम्मान दिया और कहा कि एक साधारण किसान परिवार से आने वाली हमारी बेटी... बहुत सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन माता-पिता का आशीर्वाद था और मन में दृढ़ संकल्प। और उसी संकल्प के भरोसे यूपीएससी की परीक्षा में उत्तीर्ण हुई और अब पूरे देश की सेवा करेगी।

भावुक कर देगी प्राची की UPSC जर्नी

बता दें कि प्राची विदिशा जिले की निवासी हैं और एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पास एकदम सीमित संसाधन थे। बावजूद इसके प्राची ने अपनी मेहनत और लगन के बूते यूपीएससी जैसे मुश्किल एग्जाम को भी क्लीयर कर दिया। प्राची इस बात का जीता जागता सबूत हैं कि कैसे सीमित संसाधनों में भी अगर सही स्ट्रैटेजी अपनाई जाई और लगन से पढ़ाई की जाए तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता और एक न एक दिन सक्सेस जरूर मिलती है।

प्राची चौहान ने हिंदी मीडियम में किया था टॉप

Prachi

प्राची ने अपने गांव के सरकारी स्कूल से प्राइमरी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद ग्रेजुएशन उन्होंने गंजबसौदा के सुभद्रा शर्मा कॉलेज से पूरा किया। प्राची शुरू से ही पढ़ाई में बेहद होशियार थीं। उन्होंने अपने बेस को एकदम क्लीयर रखा, जो उनकी इस सिविल सेवा परीक्षा की जर्नी में काफी मददगार साबित हुई। यूपीएससी के बारे में उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के दिनों से ही सोचना शुरू कर दिया था।

घर पर ही रहकर की पढ़ाई

प्राची ने अपनी पढ़ाई हिंदी मीडियम से जारी रखी। घर में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और इसी वजह से उन्होंने कोई कोचिंग नहीं ली और घर पर ही रहकर पढ़ाई की। उन्होने गांव में ही रहकर तीन बार एग्जाम क्लीयर करने की कोशिश की। इसके बाद चौथी कोशिश में उन्होंने UPSC क्लीयर कर लिया। उनकी 260वीं रैंक आई।

सीएम ने प्राची को बधाईयां देते हुए कहा कि अनंत शक्तियों का भंडार है मनुष्य, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। आज अपनी प्राची बेटी से मिलकर, माताजी-पिताजी से मिलकर, परिवार से मिलकर मैं बहुत प्रसन्न हूँ। मेरा आशीर्वाद और मेरी शुभकामनाएँ... बेटी देश की अंतरात्मा से बेहतर से बेहतर सेवा करना। और बाकी बच्चों को कहता हूं—लक्ष्य तय करो, रोडमैप बनाओ, कोशिश करो, सफलता मिलेगी।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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