UPSC Prelims 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और छात्र-हितैषी कदम उठाया है। परीक्षा केंद्रों पर हर साल होने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उम्मीदवारों के सफर को आसान बनाने के लिए आयोग ने इस बार तीन नए परीक्षा केंद्र शुरू किए हैं। ये नए केंद्र भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में बनाए गए हैं। इन तीन शहरों के जुड़ने से अब देशभर में सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है।
23,000 उम्मीदवारों को मिला सीधा फायदा
आयोग द्वारा शुरू किए गए इन तीन नए केंद्रों के प्रति छात्रों में भारी उत्साह देखा गया है। लगभग 23,000 अभ्यर्थियों ने इन नए केंद्रों को अपनी प्राथमिकता के रूप में चुना है। इस पहल से न केवल इन शहरों के स्थानीय छात्रों को फायदा हुआ है, बल्कि इसके कारण आस-पास के अन्य बड़े परीक्षा केंद्रों पर होने वाली भीड़भाड़ और दबाव भी काफी हद तक कम हो गया है।
किस केंद्र से कम हुआ किस शहर का दबाव?
भुवनेश्वर: यहां नया केंद्र बनने से कटक केंद्र पर दबाव बेहद कम हुआ है। भुवनेश्वर केंद्र के लिए कुल 10,656 आवेदन मिले हैं।
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में केंद्र बनने से राजधानी लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर बोझ कम हुआ है। कानपुर के लिए 6,938 उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।
मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में केंद्र स्थापित होने से गाजियाबाद केंद्र पर छात्रों की निर्भरता कम हुई है। मेरठ के लिए 5,902 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए विशेष और समावेशी पहल
यूपीएससी ने दिव्यांग उम्मीदवारों (PwBD) के लिए सुलभता और समावेशिता की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से दोहराया है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के अनुसार, दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र आवंटित करने के लिए भौगोलिक और भौतिक बाधाओं को दूर किया गया है। संशोधित नियमों के तहत, यदि किसी केंद्र की क्षमता पूरी भी हो जाती है, तो भी अतिरिक्त क्षमता तैयार करके दिव्यांग छात्रों को उनकी पहली पसंद का केंद्र दिया जा रहा है। अकेले दिल्ली क्षेत्र में ही ऐसे करीब 805 दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी पसंद का सेंटर मिला है।
इस साल आए रिकॉर्ड आवेदन और भविष्य का प्लान
सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए इस वर्ष यूपीएससी को कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए इस बार आवेदन फॉर्म में एक 'ड्रॉपडाउन' विकल्प जोड़ा गया था, जिससे छात्रों ने अपने पसंदीदा नजदीकी शहरों की जानकारी दी है। इस डेटा का उपयोग आयोग भविष्य में नए परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए सही स्थानों की पहचान करने में करेगा।
