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UP Board 2025: यूपी बोर्ड कॉपी आज से होंगी चेक, जानें कब पूरा होगा 2 करोड़ 96 लाख कॉपियों की चेकिंग का काम

UP Board 2025 Copy Checking Begins: यूपी बोर्ड ने वर्ष 2025 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं की कॉपियों की चेकिंग का काम आज से शुरू कर दिया है। इस बार करीबन 2 करोड़ 96 लाख कॉपियों की चेकिंग की जाएगी, जानें कब पूरा होगा कॉपयों के सत्यापन

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यूपी बोर्ड 2025 कॉपी चेकिंग

UP Board 2025 Copy Checking Begins: यूपी बोर्ड 2025 से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् आज 19 मार्च से यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं परीक्षाओं की कॉपियों की जांच का काम शुरू कर रही है। इस बार करीबन 2 करोड़ 96 लाख कॉपियों की चेकिंग की जाएगी। अगर आपने भी इन परीक्षाओं में भाग लिया था, तो जानें कॉपियों की जांच का प्रोसेस कब तक होगा पूरा, व कब तक जारी हो सकता है रिजल्ट

एक जानकारी के अनुसार, दो अप्रैल तक यूपी बोर्ड 10वीं 12वीं कॉपियों की जांच का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। यूपी बोर्ड 2025 की बोर्ड कॉपियों की चेकिंग के लिए 1,34,000 शिक्षकों को लगाया गया है, और पंद्रह दिनों के भीतर सभी कॉपियों के मूल्याकंन करने का लक्ष्य है।

यूपी बोर्ड 2025 कॉपियों की जांच के लिए बनाए गए ढाई सौ से ज्यादा केंद्र

यूपी बोर्ड 2025 की कॉपियों जांच के लिए राज्य में 261 केंद्र बनाए गए हैं। मैट्रिक की 1,63,22,248 कॉपियों की जांच के लिए 84,122 परीक्षक और 8,473 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं, जबकि इंटरमीडिएट की 1,33,71,607 कॉपियों की जांच के लिए कुल 50,601 परीक्षक और 5,471 उप प्रधान परीक्षक नियुक्त किए गए हैं।

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने सभी परीक्षा केंद्रों के प्रमुखों और जिला विद्यालय निरीक्षकों (मुख्य निरक्षक) को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भेजते हुए यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक परीक्षक को प्रतिदिन हाईस्कूल में 50 और इंटरमीडिएट में 45 कॉपियां दी जाएंगी।

सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी

यह मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में होगा और बोर्ड के आदेश पर यह रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराना होगा। मुख्य नियंत्रक एवं उप नियंत्रक को जिम्मेदारी दी गई है कि वह मूल्यांकन कार्य से संबंधित व्यक्ति के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश नहीं करने दें। आदेश के विरुद्ध में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत उनके उपर कार्रवाई की जाएगी। मुख्य नियंत्रक, उप नियंत्रक और परीक्षकों को भी मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मूल्यांकन कक्ष में ले जाने पर रोक है।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंह author

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई क... और देखें

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