UP Special TET: प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक अब इस विशेष परीक्षा के जरिये टीईटी की अनिवार्यता पूरी कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने विशेष अध्यापक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) कराने की कार्ययोजना स्वीकृत कर दी है। करीब 1.40 लाख से अधिक शिक्षक इसके दायरे में आएंगे, इनमें 2,500 विशेष शिक्षक भी परीक्षा में शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया गया है। इसी के तहत विशेष टीईटी आयोजित कराने की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिकता के आधार पर विज्ञापन जारी कर परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कार्यरत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी की कार्ययोजना जारी की गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष एक सितंबर को सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया था। पुनर्विचार याचिका में 29 मई के आदेश के अनुसार कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना है। विशेष परीक्षा 150 अंकों की होगी और इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की तारीख और आवेदन प्रक्रिया बाद में घोषित होगी।
कैसा होगा स्पेशल टीईटी का स्वरूप
विशेष टीईटी 150 अंकों की होगी। परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र हिंदी व अंग्रेजी में होगा, जबकि भाषा विषयों में यह व्यवस्था लागू नहीं होगी। परीक्षा 150 मिनट की होगी। सभी 150 प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक एक अंक का होगा। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। प्राथमिक स्तर पर बाल विकास एवं शिक्षण विधि, हिंदी, दूसरी भाषा (अंग्रेजी/उर्दू/संस्कृत), गणित और पर्यावरण अध्ययन से 30-30 प्रश्न होंगे। उच्च प्राथमिक में बाल विकास, हिंदी और दूसरी भाषा से 30-30 प्रश्न व गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन/विज्ञान से 60 प्रश्न पूछे जाएंगे।
पास होने के लिए कितने नंबर जरूरी
सामान्य वर्ग के लिए 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक जरूरी होंगे। एससी, एसटी, ओबीसी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए 82 अंक यानी 55 प्रतिशत अर्हक अंक होंगे।
