एजुकेशन

भारत सरकार की वह 3 Scholarship, जो पूरा करेंगी विदेश में पढ़ने का सपना, पहली है सबसे महत्वपूर्ण

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी से पढ़ने का सपना हर प्रतिभाशाली छात्रों होता है। इस सपने के बीच आर्थिक तंगी रुकावट न बने इसलिए भारत सरकार द्वारा कई Scholarship प्रोग्राम चलाए जाते हैं, आइए उनके बारे में आपको बताएं।

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Indian Government Scholarship (Photo - AI)

दुनिया के टॉप विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करना आज के समय में हर होनहार छात्र का एक सपना है। लेकिन यह सपना हर किसा का पूरा नहीं हो पाता है। भले ही आप कितने भी बुद्धिमान हो या होनहार हो, लेकिन आर्थिक स्थिति के चलते हर साल सैकड़ों छात्रों का यह सपना, सपना ही बनकर रह जाता है, क्योंकि विदेशों की भारी-भरकम फीस और रहने का खर्च कई बार प्रतिभाशाली छात्रों के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट बन जाता है। बहुत से छात्र पैसों की कमी के कारण इस सपने को छोड़ देते हैं या फिर भारी ब्याज पर एजुकेशन लोन के जाल में फंस जाते हैं।

लेकिन इस रुकावट को दूर करने के लिए और प्रतिभाशाली छात्रों के उड़ान देने के लिए भारत सरकार ऐसी कई शानदार स्कॉलरशिप योजनाएं (Indian Government Scholarship) चलाती है, जो भारतीय छात्रों की पढ़ाई को का पूरा खर्च खुद उठाती है। अगर आप भी विदेश से शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं तो आइए आपको भारत सरकार की ऐसी 3 बेहतरीन योजनाओं के बारे में बताएं, जो आपके विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करके आपके सपने को पूरा करने में सहायक साबित होगी।

नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (NOS)

भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली यह स्कॉलरशिप (Scholarship) सबसे बेस्ट मानी जाती है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाई जाने वाली नेशनल ओवरसीज स्कॉलरशिप (National Overseas Scholarship) विदेश में पढ़ने के लिए सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी योजना है। यह योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों, भूमिहीन कृषि मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों की श्रेणियों से आने वाले कम आय वाले छात्रों के लिए तैयार की गई है।

इस स्कॉलरशिप से मिलते है यह फायदे-

- इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस सरकार द्वारा सीधे यूनिवर्सिटी को दी जाती है।

- रहने-खाने का सालाना खर्च और किताबों का खर्च भी मिलता है।

- भारत से विदेश जाने और वहां से वापस आने का हवाई जहाज का टिकट का खर्च भी सरकार उठाती है।

इसके तहत छात्र मास्टर डिग्री और पीएचडी स्तर की पढ़ाई के लिए आवेदन कर सकते हैं।

नेशनल फेलोशिप फॉर ओबीसी कैंडिडेट्स

यह योजना भारत सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा प्रदान की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC श्रेणी के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि उनकी शिक्षा में आर्थिक तंगी के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकें।

योजना के लाभ-

इस योजना के तहत उन छात्रों को प्राथमिकता दी जाती है जो रिसर्च, साइंस, टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग जैसे एडवांस कोर्सेज में आगे बढ़ना चाहते हैं। ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के साथ-साथ छात्रों को मासिक भत्ता भी दिया जाता है ताकि वे वहां आसानी से रह सकें। साथ ही आपको बता दें कि इस योजना के लिए केवल वही छात्र आवेदन कर सकते हैं जिनके परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा तय की गई सीमा के भीतर आती है।

डॉ. अंबेडकर ओवरसीज एजुकेशन स्कीम

यह योजना भी भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से उन होनहार छात्रों के लिए चलाई जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर है और ओबीसी श्रेणी में आते हैं। इस योजना के तहत विदेशों में मास्टर्स, रिसर्च या किसी विशेष तकनीकी कोर्स की पढ़ाई के लिए ब्याज मुक्त ऋण (Interest Subsidy) या सीधे वित्तीय अनुदान प्रदान किया जाता है।

इस योजना का लाभ-

इस योजना का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों और कोर्सेज पर होता है जिनकी वैश्विक बाजार में मांग बहुत ज्यादा है।

इसके माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि देश का कोई भी टैलेंट सिर्फ पैसों की कमी की वजह से पीछे न छूटे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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