Success Story of Auto Driver son Admission in IIT: कहते हैं इरादे अगर नेक हो और सच्ची लगन से मेहनत की जाए तो सफलता जरूर हासिल होती है। इस कथन को सच साबित करती है तमिलनाडु के रहने वाले सी पार्थसारथी की कहानी। JEE Main एग्जाम क्रैक करने वाले पार्थसारथी लाखों छात्रों के लिए मिसाल बन गए हैं। देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन (IIT Madras Admission 2024) पाना हर इंजीनियरिंग के स्टूडेंट का सपना होता है। एक ऑटो ड्राइवर के बेटे ने अपना यह सपना पूरा कर लिया है। आइए उनके इस सफलता के पीछे के संघर्ष पर एक नजर डालते हैं।
IIT Madras में एडमिशन लेने वाले पार्थसारथी
सी पार्थसारथी तमिलनाडु के विरुदुनगर जिले के राजपालयम के पास छोटे से गांव नचियारपुरम के रहने वाले हैं। एक बेहद छोटे से गांव कै मध्यम वर्गीय परिवार में रहने वाले पार्थसारथी की चर्चा इन दिनों हर तरफ हो रही है। पार्थसारथी के पिता एन चंद्रबोस पेशे से एक ऑटो ड्राइवर हैं। पार्थ की स्कूलिंग द्रविड सेकेंडरी स्कूल सुंदरराजापुरम से हुई है।
शुरू से पढ़ाई में अव्वल पार्थसारथी स्कूल में भी टॉपर रहे हैं। पार्थ के पिता खुद भी पढ़ाई में काफी तेज थे। वो 10वीं में क्लास टॉपर रह चुके हैं, लेकिन आर्थिक तंगी ने उन्हें ऑटो ड्राइवर बना दिया। एन चंद्रबोस ने अपने बच्चों की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं रखी। उनके कठिन मेहनत का परिणाम है कि उनके बेटे पार्थसारथी ने आज JEE एग्जाम क्रैक करके देश के नंबर वन IIT में एडमिशन हासिल कर ली है।
Aerospace Engineer बनने का सपना
IIT JEE Main में 112 अंक हासिल करने वाले सी पार्थसारथी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास (IIT Madras) में एडमिशन ले लिया है। पार्थसारथी ने IIT में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिला लिया है। उनका सपना एयरोस्पेस इंजीनियर बनने का है।
47 वर्षीय एस चंद्रबोस कहते हैं कि उनके ऑटो में बैठने वाले सवारी अक्सर आईआईटी के बारे में बात किया करते थें। उनका सपना था कि बेटा IIT में दाखिला ले सके। उनके घर की आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर नहीं थी कि बेटे को इंजीनियरिंग कोचिंग में एडमिशन दिला सके। पार्थसारथी ने बिना कोचिंग किए ही JEE Main परीक्षा अच्छे नंबरों से क्रैक कर ली। अब वो अपने पिता का सपना पूरा करने जा रहे हैं।
