CBSE Row: सऊदी अरब के छात्र प्रणसू पटेल द्वारा दायर याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (SC) ने सुनवाई की। खाड़ी देशों में रहने वाले सीबीएसई 12वीं के छात्र की खाली मार्कशीट के मामले पर सर्वोच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया और सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) नोटिस जारी किया है। अदालत ने बोर्ड को मौखिक निर्देश दिया है कि वह आगामी शुक्रवार यानी 12 जून तक इस पूरे विवाद का समाधान निकाले।
सुप्रीम कोर्ट ने बोर्ड से मांगा जवाब
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय छात्र प्रणसू जिगरकुमार पटेल की याचिका पर सुनवाई करते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने सीबीएसई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। छात्र का आरोप था कि 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने के बावजूद बोर्ड ने उसका रिजल्ट जारी नहीं किया। रिजल्ट चेक करने पर उन्हें बिना अंकों वाली खाली मार्कशीट दे दी गई। कोर्ट ने छात्र के भविष्य और इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बोर्ड को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
विनीत जिंदल और राज किशोर चौधरी ने लड़ी कानूनी लड़ाई
प्रभावित छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका एडवोकेट विनीत जिंदल और एडवोकेट राज किशोर चौधरी द्वारा संयुक्त रूप से दायर की गई। दोनों वकीलों का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने माना कि यह छात्र के करियर और उसके पूरे शैक्षणिक वर्ष का संवेदनशील मामला है, जिसमें तुरंत दखल देने की जरूरत है।
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शुक्रवार तक मामला सुलझाने के निर्देश
छात्र की खाली मार्कशीट के मामले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अदालत ने बोर्ड से मौखिक रूप से कहा है कि इस मामले को लटकाने के बजाय शुक्रवार यानी 12 जून 2026 तक हर हाल में सुलझा लिया जाए, ताकि पीड़ित छात्र को और अधिक मानसिक तनाव से न गुजरना पड़े और उसका बीटेक या अन्य कोर्सेज में एडमिशन का रास्ता साफ हो पाए।
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12 जून को होगी अगली अहम सुनवाई
सीबीएसई को नोटिस जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अलगी सुनवाई की डेट 12 जून 2026 तय की है। इस दिन सीबीएसई कोर्ट के सामने बताना होगा कि उसने छात्र के रिजल्ट को लेकर क्या सुधारात्मक कदम उठाए हैं। क्यों रिजल्ट में छात्रों को खाली मार्कशीट दी गई है। इन सब खामियों को सुधारने के लिए सीबीएसई का प्लान क्या है।
