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Sainik School Syllabus : बदलने जा रहा है सैनिक स्कूल का सिलेबस, अब बच्चों को सिखाया जाएगा AI

Sainik School new Syllabus : वर्तमान समय में बंदूकों से ज्यादा किसी भी देश के लिए साइबर सिक्योरिटी, कोडिंग और नेटवर्क सिक्योरिटी की जरूरत बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सैनिक स्कूलों में पुराने मॉडल को बदलने की मांग पर जोर दिया जा रहा है. अब यहां के छात्र सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़कर हिस्सा ले सकेंगे।

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Sainik School

Sainik School Syllabus: भारतीय सशस्त्र बलों के लिए सालों से बच्चों को ट्रेनिंग देते आ रहे सैनिक स्कूल में अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हाल ही में एक हाई लेवल पैनल ने सिफारिश की है कि सैनिक स्कूलों में सिलेबस को बढ़ाया जाए। ऐसा करने से छात्र न सिर्फ सेना बल्कि उभरते हुए टेक्निकल क्षेत्रों के लिए भी अपने आप को तैयार कर सकेंगे। इस बदलाव से स्टूडेंट्स को एआई, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसे करियर के लिए तैयार किया जा सकेगा। सैनिक स्कूल अब सिर्फ सेना के फीडर में नहीं बल्कि एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित होगा।

बंदूकों से ज्यादा इन चीजों की बढ़ी मांग

वर्तमान समय में बंदूकों से ज्यादा किसी भी देश के लिए साइबर सिक्योरिटी, कोडिंग और नेटवर्क सिक्योरिटी की जरूरत बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए सैनिक स्कूलों में पुराने मॉडल को बदलने की मांग पर जोर दिया जा रहा है. अब यहां के छात्र सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़कर हिस्सा ले सकेंगे।

छात्रों के लिए बढ़ेंगे करियर ऑप्शन

बता दें कि सैनिक स्कूल अभी तक छात्रों को रक्षा अकादमी के लिए तैयार करता आ रहा था। हालांकि बदलती दुनिया में अब रक्षा मंत्रालय का पैनल इन छात्रों के लिए और बेहतर करियर के ऑप्शन तलाश रहा है। सैनिक स्कूल अब सिर्फ सेना के फीडर में नहीं बल्कि एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित होगा।

लीडर के तौर पर उभरेंगे छात्र

सैनिक स्कूलों को अब मॉर्डनाइजेशन की प्रक्रिया के तहत बदला जाएगा। पैनल ने हाई स्टैंडर्ड लैब, कोडिंग सेंटर्स और डिजिटल क्लासरूम स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया है। इसके साथ ही छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता पर भी ध्यान दिया जाएगा। छात्रों को अब सिर्फ नौकरी के लिए नहीं बल्कि आने वाले समय में एक लीडर के तौर पर भी तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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