एजुकेशन

क्या आम बच्चे सैनिक स्कूल में ले सकते हैं एडमिशन, जानें क्या है दाखिले की प्रक्रिया?

Sainik School Admission Process : सैनिक स्कूल का नाम आपने सुना ही होगा। पढ़ाई से लेकर बच्चों के सर्वांगीण विकास तक ये स्कूल काफी अच्छे होते हैं। मगर सवाल ये कि क्या आम बच्चों को मिलिट्री स्कूल में एडमिशन मिल सकता है? सैनिक स्कूल में एडमिशन का क्या प्रोसेस है और कैसे यहां दाखिला मिलता है, चलिये जानते हैं... Sainik School admission online Application 2026, All India Sainik School Admission Counselling

Image

Sainik School admission 2026 Fees

Sainik School Admission Process: देश के भविष्य को एक नया मोड़ देने के लिए हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 100 नए सैनिक स्कूलों के खोले जाने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने एनसीसी कैडेटों की संख्या में भी बढ़ोतरी का भी ऐलान किया है। पीपीपी मॉडल के तहत देशभर में ये सैनिक स्कूल स्थापित किये जाएंगे। सैनिक स्कूल में जाने का देश के ज्यादातर छात्रों का सपना होता है। (All India Sainik School Admission Counselling) इस स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व और शारीरिक प्रशिक्षण पर भी ध्यान दिया जाता है। इन स्कूलों का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और भारतीय सशस्त्र बलों में करियर के लिए तैयार करना है। ऐसे में चलिये जानते हैं कि सैनिक स्कूल में किसे एडमिशन मिलता है?

कैसे मिलता है एडमिशन ?

सबसे पहले बात करें इस स्कूल में एडमिशन की तो यहां पर दाखिले के लिए ऑल इंडिया सैनिक स्कूल एंट्रेंस एग्जाम आयोजित किया जाता है। एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ये एग्जाम करवाती है। इसमें मिले नंबर्स के आधार पर ही मेरिट लिस्ट तैयार होती है और फिर उसी के अनुसार छात्रों को इन स्कूलों में प्रवेश मिलता है।

सैनिक स्कूल में किस कक्षा में मिलता है दाखिला ?

बताते चलें कि सैनिक स्कूल में मुख्य रूप से कक्षा 6 और 9 में प्रवेश दिया जाता है। कक्षा 6 की बात करें तो इसके लिए देशभर के छात्र आवेदन कर सकते हैं जबकि कक्षा 9 में प्रवेश सीटों की उपलब्धता के आधार पर ही दिया जाता है।

कौन कर सकता है अप्लाई ?

सैनिक स्कूल रक्षा मंत्रालय के अधीन आते हैं। परीक्षा में पास होने के बाद छात्रों का मेडिकल टेस्ट भी किया जाता है। इसके बाद ही छात्रों को यहां प्रवेश मिलता है। बता दें कि यहां पर दाखिला पाना बिल्कुल भी आसान नहीं है क्योंकि लिखित परीक्षा बेहद कम ही बच्चे पास कर पाते हैं। सैनिक स्कूल पूरी तरह से बोर्डिंग होते हैं। यहां पर बच्चे पूरे साल हॉस्टल में ही रहते हैं। यहां पर एडमिशन पाने के लिए कोई भी छात्र अप्लाई कर सकता है। हालांकि एडमिशन सिर्फ परीक्षा पास करने के बाद ही मिलता है।

कितनी होती है सैनिक स्कूल की फीस ?

सैनिक स्कूलों की सालाना फीस तकरीबन 1.5 लाख के बराबर होती है, जिसमें ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस, मेस और यूनिफॉर्म समेत अन्य सुविधाएं शामिल रहती हैं। (Sainik School admission 2026 Fees) हालांकि अलग-अलग जगहों के एससी/एसटी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को यहां पर स्कॉलरशिप की सुविधा भी दी जाती है। भारत के सबसे अच्छे सैनिक स्कूल की बात करें तो ये रियाणा सैनिक विद्यालय कुंजपुरा है, जो भारत के शीर्ष 10 सैनिक विद्यालयों में पहले स्थान पर है। 1961 में स्थापित, ये स्कूल 276 एकड़ में फैला हुआ है और सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सैनिक विद्यालयों में से एक है।

FAQs

सैनिक स्कूल में किस कक्षा में मिलता है दाखिला ? Sainik School Admission Class

सैनिक स्कूल में मुख्य रूप से कक्षा 6 और 9 में प्रवेश दिया जाता है।

भारत में कौन सा सैनिक स्कूल सबसे अच्छा है? Best Sainik School of India

सैनिक स्कूल में कितने नंबर से पास होते हैं? Sainik School Admission Passing Marks

सैनिक स्कूल में पढ़ने के बाद बच्चे क्या बनते हैं? Sainik School career opportunities

सैनिक स्कूल में 1 साल की फीस कितनी होती है ? Sainik School 1 Year Fees

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

और पढ़ें
End of Article