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RBI Assistant और SBI Clerk के बीच मुख्य अंतर क्या है? कौन सी नौकरी है आपके लिए परफेक्ट

बैंकिंग सेक्टर के सबसे लोकप्रिय पदों में RBI Assistant और SBI Clerk शामिल है। लेकिन इसमें से एक उम्मीदवार के लिए सबसे बेहतर क्या है आइए आज उसके बारे में जानते हैं।

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RBI Assistant और SBI Clerk के बीच मुख्य अंतर क्या है (Photo - AI)

बैंकिंग सेक्टर कोई छोटा सा सेक्टर नहीं है। हर साल हजारों-लाखों उम्मीदवार बैंकिंग में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करते हैं। इस सेक्टर में सबसे लोकप्रिय पोजीशन RBI Assistant और SBI Clerk की है। लेकिन यह कहना भी गलत नहीं है, इन दोनों में से कौन-सा पद सबसे बेहतर है इसको लेकर कंफ्यूजन आज भी जारी है। किसी का मानना है कि एसबीआई क्लर्क अच्छा है तो कोई कहता है आरबीआई असिस्टेंट पद बेहतर है। तो आइए आज आपको RBI Assistant और SBI Clerk दोनों में से कौन बेहतर है, उसके बारे में बताएं और अलग-अलग पैमाने पर इसकी तुलना करें।

RBI Assistant और SBI Clerk में क्या अंतर है?

बैंकिंग क्षेत्र में RBI Assistant और SBI Clerk (Junior Associate) दोनों ही क्लेरिकल स्तर के पद हैं, लेकिन इनके काम करने के माहौल, सैलरी और करियर ग्रोथ में काफी अंतर है। जिसके बारे में हर उस उम्मीदवार का जानना जरूरी है, जो इन पदों पर भर्ती परीक्षा कि तैयारी में जुटे हुए हैं। आइए विस्तार में इसके बारे में बताएं।

सैलरी और भत्ते की जानकारी

दोनों पदों की सैलरी की बात करें तो इस मामले में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का पलड़ा हमेशा भारी रहता है। एक आरबीआई असिस्टेंट की शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 45,000 से 50,000 रुपये प्रति माह होती है। इसके अलावा, आरबीआई अपने कर्मचारियों को शानदार भत्ते देता है, जैसे कि रहने के लिए बेहतरीन आवास, पेट्रोल भत्ता, अखबार और किताब भत्ता आदि। वहीं SBI Clerk की शुरुआती इन-हैंड सैलरी लगभग 30,000 रुपये से 35000 रुपये प्रति माह होती है। इन्हें मिलने वाले भत्ते आरबीआई की तुलना में थोड़े कम होते हैं।

वर्क प्रोफाइल और काम का दबाव

सैलरी के बाद अब इनके काम की बात करें तो दोनों ही पद में काम के माहौल और मानसिक शांति के लिहाज से बड़ा अंतर देखने को मिलता है। आरबीआई भारत का केंद्रीय बैंक है, इसलिए इसका सीधा संबंध आम जनता से नहीं होता। इनका काम मुख्य रूप से फाइलों का रख-रखाव, डेटा एंट्री और सरकारी विभागों के साथ तालमेल बिठाना होता है। यहां काम का दबाव बहुत कम होता है और शनिवार-रविवार की पक्की छुट्टी होती है। जबकि एसबीआई एक कमर्शियल बैंक है, जिसका सीधा सामना आम जनता से होता है। एक एसबीआई क्लर्क को कैश काउंटर संभालना, पासबुक प्रिंट करना, नए खाते खोलना और ग्राहकों की समस्याओं को सुनना होता है। पब्लिक डीलिंग के कारण यहां काम का दबाव काफी अधिक होता है और अक्सर देर तक काम करना पड़ता है।

करियर ग्रोथ और प्रमोशन

करियर में तेजी से आगे बढ़ने के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ज्यादा बेहतर माना जाता है। एसबीआई में प्रमोशन की प्रक्रिया बहुत तेज है। यदि आप आंतरिक परीक्षाएं (JAIIB/CAIIB) पास कर लेते हैं, तो मात्र 3 साल में आप ट्रेनी ऑफिसर (TO) या असिस्टेंट मैनेजर बन सकते हैं। यहां से आप बैंक के शीर्ष पदों तक पहुंच सकते हैं। वहीं आरबीआई में असिस्टेंट से अधिकारी (ग्रेड-बी) बनने में कम से कम 5 से 6 साल का समय लग जाता है। यहां प्रमोशन की रफ्तार एसबीआई के मुकाबले थोड़ी धीमी है।

क्या है दोनों में से बेहतर ऑप्शन

यदि हम कम काम का दबाव, पांच दिनों का वर्किंग वीक, बेहतरीन सैलरी और मेट्रो शहरों में पोस्टिंग की बात करें तो RBI Assistant आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसके विपरीत, यदि आप तेजी से प्रमोशन पाकर ऊंचे पद पर पहुंचना चाहते हैं और अपने होम स्टेट या ग्रामीण इलाकों में काम करने की इच्छा रखते हैं, तो SBI Clerk आपके लिए ज्यादा मुफीद रहेगा। यह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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