एजुकेशन

How to become Meteorologist: मौसम वैज्ञानिक कैसे बनते हैं? जानें कितनी होती है सैलरी और क्या करनी होती है पढ़ाई

How to become Meteorologist: चक्रवात कब और कहां टकराएगा, मानसून कब आएगा, कितनी बारिश होगी आदि की जानकारी मौसम वैज्ञानिकों द्वारा जारी की जाती है। लेकिन हमें मौसम की पल-पल खबर देने वाले मौसम वैज्ञानिक बनते कैसे हैं। आइए बताएं मौसम वैज्ञानिक के लिए क्या पढ़ाई करनी होती है और इनकी सैलरी कितनी होती है।

Image

मौसम वैज्ञानिक कैसे बनते हैं? (Photo - AI)

How to become Meteorologist: पूरे भारत में मानसून का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक बारिश जोर पकड़ रही है। मानसून के आने से पहले ही आईएमडी ने इसके नजदीक आने की जानकारी देनी शुरू कर दी थी। अब आईएमडी द्वारा लगातार विभिन्न शहरों और राज्यों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहें है। आसमान में छाए काले बादल कब बरसेंगे, चक्रवात (साइक्लोन) कब और कहां टकराएगा, या फिर अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा? इन सब बातों की सटीक जानकारियां मौसम विभाग में काम करने वाले मौसम वैज्ञानिकों के जरिए ही मिलती है। अंग्रेजी में इन्हें 'मेटियोरोलॉजिस्ट' (Meteorologist) कहा जाता है।

यह क्षेत्र उन युवाओं के लिए बेहद रोमांचक और संभावनाओं से भरा है, जो प्रकृति, विज्ञान और पर्यावरण में गहरी रुचि रखते हैं। यदि आपको भी मौसम की जानकारी देना और मौसम के बारे में जानना फैसिनेटिंग लगता है और आप भी मौसम के बदलते मिजाज को समझने और इस क्षेत्र में अपना शानदार करियर बनाने की इच्छा रखते हैं, तो आइए जानते हैं कि मौसम वैज्ञानिक कैसे बनते हैं, इसके लिए क्या पढ़ाई करनी होती है और इसमें कितनी सैलरी मिलती है।

मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए क्या करनी होती है पढ़ाई

मौसम विज्ञान (Meteorology) के क्षेत्र में कदम रखने के लिए आपकी शैक्षणिक योग्यता मजबूत होनी चाहिए। इसके लिए आपको स्कूली स्तर से ही सही विषयों का चुनाव करना होता है। 10वीं के बाद 11वीं कक्षा में अच्छे विषयों का चुनाव आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

12वीं की शिक्षा: सबसे पहले आपको 10+2 यानी 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास करनी होगी। इसमें आपके मुख्य विषय में फिजिक्स और मैथ्स होना अनिवार्य हैं।

ग्रेजुएशन: 12वीं के बाद आती है ग्रेजुएशन की बारी। ऐसे में आप मौसम विज्ञान, फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, कंप्यूटर साइंस या एटमॉस्फेरिक साइंस में बीएससी (B.Sc) या बीटेक (B.Tech) कर सकते हैं।

पॉस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी: इस क्षेत्र में स्पेशलाइजेशन हासिल करने के लिए एमएससी (M.Sc) या एमटेक (M.Tech) इन मेटियोरोलॉजिस्ट / एटमॉस्फेरिक साइंस करना आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा। यदि आप रिसर्च या प्रोफेसर के पद पर जाना चाहते हैं, तो आप पीएचडी (Ph.D) भी कर सकते हैं।

करियर के विकल्प

भारत में मौसम वैज्ञानिक बनने का सबसे प्रतिष्ठित जरिया भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) है। इसके अलावा इसरो (ISRO), डीआरडीओ (DRDO), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और कई निजी पर्यावरण एजेंसियां भी इन प्रोफेशनल्स को हायर करती हैं।

मौसम वैज्ञानिक की भर्ती

आईएमडी (IMD) में वैज्ञानिक के पदों पर भर्ती के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) या कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा समय-समय पर कई परीक्षाओं का आयोजन किया जाता है। आपको इन दोनों आयोग की वेबसाइट पर लगातार नजर रखनी होगी और भर्ती निकलने पर इसलिए आवेदन करना होगा। लिखित परीक्षाएं पास कर आप साइंटिस्ट का पद प्राप्त कर पाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की NET या GATE परीक्षा पास करने वाले छात्रों को भी सीधे रिसर्च और साइंटिस्ट के पदों पर काम करने का अवसर मिलता है।

मौसम वैज्ञानिक का क्या काम होता है?

सबसे पहले आपके लिए यह समझना जरूर है कि एक मौसम वैज्ञानिक का काम सिर्फ टीवी पर आकर मौसम का हाल बताना नहीं होता, बल्कि उनकी जिम्मेदारियां बहुत बड़ी होती हैं। उन्हें सैटेलाइट और रडार से मिलने वाले डाटा का बारीकी से अध्ययन करना होता है। चक्रवात, भारी बारिश, सूखा या लू (Heat Wave) जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पहले से भविष्यवाणी करना ताकि जान-माल का नुकसान कम हो। ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारणों पर रिसर्च करना होता है।

कितनी होती है सैलरी?

यह कहना गलत नहीं होगा की मौसम साइंटिस्ट बनने वाले उम्मीदवारों को आकर्षक सैलरी मिलती है। इस क्षेत्र में सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार की नौकरियां उपलब्ध है। भारत में एक जूनियर मौसम वैज्ञानिक या रिसर्च फेलो के तौर पर शुरुआत करने पर प्रतिमाह 40,000 रुपये से 60,000 रुपये तक की सैलरी आसानी से मिल जाती है। अगर आप अनुभवी हैं और यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएमडी में साइंटिस्ट बी या उससे ऊपर के पद पर नियुक्त हुए हैं तो आपकी सैलरी 80 हजार से 1.50 लाख रुपये प्रति माह हो सकती है। इसके साथ आपको विभिन्न प्रकार के अलाउंस और मेडिकल सुविधाएं मिलती है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article