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पंजाब बोर्ड में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम शुरू, सोशल साइंस की कॉपियां हो रही चेक, टीचर्स बता रहे खामियां

PSEB Punjab Board Screen Marking System: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कक्षा 10वीं की सामाजिक विज्ञान बोर्ड परीक्षा के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली शुरू की है, जिसका मूल्यांकन मंगलवार से शुरू हुआ है। हालांकि इससे शिक्षकों को काफी समस्या का समाधान करना पड़ रहा है।

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PSEB Punjab Board Screen Marking System: पंजाब बोर्ड में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम शुरू

PSEB Punjab Board Screen Marking System: पंजाब बोर्ड अपने मार्किंग स्कीम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कक्षा 10वीं की सामाजिक विज्ञान बोर्ड परीक्षा के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली शुरू की है, जिसका मूल्यांकन मंगलवार से शुरू हुआ। इस सिस्टम के तहत टीचर्स को स्कूल की कंप्यूटर लैब में ही पेपर करने होंगे। यहां एक शिक्षक को राजाना पांच उत्तर पुस्तिकाएं चेक करने के लिए मिलेंगी। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक इन कॉपियों की चेकिंग करनी होगी। इस कदम का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को आधुनिक बनाना है। हालांकि सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने कई चुनौतियों की सूचना दी है और इसके सुचारू कार्यान्वयन को लेकर चिंता जताई है।

बता दें ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग में सबसे पहले उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके सेव किया जाता है। यहां पूरे प्रदेश का डेटा प्रदेश व जिले वाइज रखा जाता है। इस दौरान छात्र का नाम रोल नंबर व अन्य जानकारी छुपा दी जाती है। इसके बदले कोड नंबर लगाया जाता है। मार्किंग के बाद कोड के अनुसार छात्रों के नंबर सीधे उनके अकाउंट में जाते हैं।

PSEB Screen Marking System: ऑन स्क्रीन मार्किंग में स्टूडेंट्स को आ रही समस्या

यहां टीचर्स का कहना है कि नई प्रणाली के लिए तैयार करने हेतु सामाजिक विज्ञान के शिक्षकों को नकली उत्तर पुस्तिकाएं, निर्देशात्मक वीडियो और डिजिटल टूलकिट उपलब्ध कराए गए। ऐसे में कई शिक्षकों कहना है कि एक दिवसीय प्रशिक्षण डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त नहीं था, विशेषकर उन शिक्षकों के लिए जो टेक्नोलॉजी से अच्छी तरह परिचित नहीं हैं।

Punjab Board Screen Marking System: वाईफाई हो जाता है बंद

उन्होंने आगे बताया कि खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी और बार-बार आने वाली तकनीकी खराबी मूल्यांकन प्रक्रिया को धीमा कर रही है। हिंदुस्तान टाइम्स में छपे एक लेख के मुताबिक एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वाई फाई होने के बावजूद कनेक्शन अक्सर टूट जाता है। उन्होंने कहा सिस्टम शाम 4 बजे बंद हो जाता है और यदि तकनीकी समस्याओं के समाधान में देरी होती है तो हमें उसी उत्तर पुस्तिका की जांच शुरू से करनी पड़ती है।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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