एजुकेशन

PGI 2025-26: स्कूल शिक्षा परफॉर्मेंस में चंडीगढ़ सबसे आगे, जानें स्कूल शिक्षा रिपोर्ट कार्ड में दिल्ली-पंजाब को मिला कौन-सा स्थान

PGI 2025-26: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पीजीआई रिपोर्ट जारी कर दी गई है। इस रिपोर्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का नाम है। आइए जानते हैं दिल्ली, पंजाब को कौन-सा स्थान मिला है।

Image

PGI 2025-26 (Photo - Canva)

PGI 2025-26: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक 2025-26 (Performance Grading Index - PGI) रिपोर्ट जारी कर दी है। इस बार की रिपोर्ट के अनुसार, स्कूली शिक्षा के बेहतरीन प्रदर्शन के मामले में चंडीगढ़ ने देश भर में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं दूसरी तरफ पंजाब, केरल, दिल्ली और केंद्र-शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस सूचकांक की सबसे खास बात यह है कि यह राज्यों को पारंपरिक नंबर-1 या नंबर-2 जैसी कोई सीधी रैंक देने के बजाय, उन्हें उनके स्कोर के आधार पर अलग-अलग परफॉर्मेंस ग्रेड में बांटता है। मूल्यांकन का यह नया तरीका बेहद संतुलित और रचनात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे समान प्रदर्शन करने वाले कई राज्य एक ही बैंड में जगह पाते हैं।

किन आधारों पर तैयार होता है पीआईजी इंडेक्स?

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय इस सूचकांक को दो मुख्य श्रेणियों के तहत आने वाले 70 अलग-अलग संकेतकों के आधार पर तैयार करता है। ये दो श्रेणियां हैं—'परिणाम' और 'शासन एवं प्रबंधन'। इसके तहत मुख्य रूप से स्कूल शिक्षा के इन 6 क्षेत्रों का बारीकी से आकलन किया जाता है:

शैक्षणिक परिणाम एवं शिक्षा की गुणवत्ता

  • स्कूलों तक छात्रों की पहुंच
  • बुनियादी ढांचा और उपलब्ध सुविधाएं
  • शिक्षा में समानता का स्तर
  • प्रशासनिक प्रक्रियाएं
  • शिक्षक शिक्षा और उनका प्रशिक्षण

ग्रेडिंग में कौन है किस श्रेणी में?

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके द्वारा प्राप्त प्रतिशत अंकों के आधार पर कुल 10 अलग-अलग श्रेणियों या ग्रेड में वर्गीकृत किया जाता है:

उत्कर्ष: सबसे उच्च श्रेणी (90% से अधिक अंक)

उत्तम-1, 2 और 3: क्रमशः 81-90%, 71-80% और 61-70% अंक

प्रचेष्टा-1, 2 और 3: क्रमशः 51-60%, 41-50% और 31-40% अंक

आकांक्षी-1, 2 और 3: क्रमशः 21-30%, 11-20% और 10% तक अंक

क्या रहे इस बार के नतीजे?

इस साल की रिपोर्ट में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है कि देश का कोई भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश शीर्ष की तीन श्रेणियों—'उत्कर्ष', 'उत्तम-1' और 'उत्तम-2' में अपनी जगह नहीं बना सका है। 'उत्तम-3' श्रेणी में आने वाला देश का इकलौता क्षेत्र चंडीगढ़ रहा है। अच्छी बात यह भी रही कि कोई भी राज्य सबसे निचले पायदानों यानी 'आकांक्षी-1' और 'आकांक्षी-2' श्रेणी में नहीं गिरा है।

जिलों का प्रदर्शन: पंजाब और दिल्ली के जिलों का दबदबा

जिलों के स्तर पर किए गए मूल्यांकन की बात करें, तो साल 2025-26 के दौरान देश का कोई भी जिला सर्वोच्च 'उत्कर्ष' श्रेणी हासिल करने में कामयाब नहीं हुआ। हालांकि, प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट भी देखी गई है; जहाँ इस साल केवल 1 जिला 'उत्तम-1' और 13 जिले 'उत्तम-2' श्रेणी तक पहुंच पाए, वहीं साल 2024-25 में 'उत्तम-2' श्रेणी में आने वाले जिलों की संख्या 16 थी।

पंजाब: सबसे अधिक 7 जिले

दिल्ली: 4 जिले

केरल: 3 जिले

महाराष्ट्र: 2 जिले

इनके अलावा चंडीगढ़, दीव और हिमाचल प्रदेश का हमीरपुर जिला भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले चुनिंदा जिलों की इस सूची में अपना नाम दर्ज कराने में सफल रहे हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article