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Odisha की सबसे लंबी नदी कौन सी है? रेलवे और OPSC में पूछा जाता है यह सवाल

अक्सर प्रतियोगिता परीक्षाओं में नदियों से संबंधित सवाल किए जाते हैं, जिसमें Odisha की सबसे लंबी नदी के बारे में भी पूछा गया है। तो आइए जानते ओडिशा की जीवनरेखा कही जाने वाली राज्य की सबसे लंबी नदी के बारे में।

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Odisha की सबसे लंबी नदी कौन सी है? (Photo - AI)

Longest River in Odisha: भारत का ओडिशा राज्य अपनी समृद्ध संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के साथ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। इस राज्य की भौगोलिक बनावट को निखारने में सबसे बड़ा योगदान यहां बहने वाली नदियों का है। ओडिशा में करीब 11 नदियां बहती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओजिशा की सबसे लंबी नदी कौन सी है। बहुत कम लोगों को इस सवाल का जवाब मालूम है। इस तरह के प्रश्न अक्सर प्रतियोगिता परीक्षा और इंटरव्यू में पूछे जाते हैं। अगर आप भी प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए भी जानना जरूरी है कि ओडिशा की सबसे लंबी नदी कौन सी है?

ओडिशा की सबसे लंबी नदी कौन सी है?

Odisha की सबसे लंबी नदी महानदी है। इसकी लंबाई 858 किलोमीटर है। बता दें कि इसे ओडिशा की जीवनरेखा भी कहा जाता है और ओडिशा का शोक भी। जीवनरेखा इसलिए क्योंकि यह राज्य की कृषि, बिजली उत्पादन और अर्थव्यवस्था काफी हद तक इसी नदी पर निर्भर है। इसे ओडिशा को शोक इसलिए कहा जाता है, क्योंकि मानसून के दौरा यह नदी अपने प्रचंड रूप में होती है और रिहायशी इलाकों में तबाही मचाती है। इससे जान-माल की काफा हानी होती है।

महानदी का उद्गम

भले ही यह ओडिशा की सबसे नदी हैं, लेकिन महानदी का जन्म ओडिशा में नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से होता है। यह छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित 'सिहावा' पर्वत श्रृंखलाओं से निकलती है। अपने उद्गम स्थल से निकलने के बाद यह छत्तीसगढ़ में बहती हुई ओडिशा में प्रवेश करती है। 858 किलोमीटर के अपने पूरे सफर में महानदी लगभग 494 किलोमीटर का रास्ता ओडिशा में तय करती है।

महानदी पर बना है विश्व का सबसे लंबा बांध

बता दें कि महानदी पर ही विश्व का सबसे लंबा बांध हीराकुंड बांध (Hirakud Dam) स्थित है। इस बांध की लंबाई करीब 25.8 किलोमीटर है। बता दें कि यह बांध दुनिया के सबसे लंबे मिट्टी के बांधों (Earth Dams) में से एक है। इस बांध का निर्माण बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और बिजली उत्पादन के उद्देश्य से किया गया था। हीराकुंड बांध के कारण बनने वाली विशाल झील सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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