CBSE Digital Payments Circular 2026: सीबीएसई भी अब डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दे रहा है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने अपने से जुड़े स्कूलों के लिए डिजिटल पेमेंट के बारे में एक नया नोटिस जारी किया है। यहां स्कूलों को सलाह दी गई है कि, स्कूल फीस, कैंटीन, लाइब्रेरी और दूसरी सेवाओं के लिए UPI और RuPay कार्ड से डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू कर सकते हैं। साथ ही फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) से जुड़ने का निर्देश दिया गया है।
यह नोटिस भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज के एक कम्युनिकेशन के बाद जारी किया गया है। इसका उद्देश्य डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना व लोगों को जागरूक करना है।
डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दें
जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि, सभी स्कूल प्रमुखों और प्रबंधकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्कूल से जुड़ी विभिन्न वित्तीय गतिविधियों के लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा दें। साथ ही स्कूलों को सलाह दी गई है कि, स्कूल फीस, कैंटीन, लाइब्रेरी और दूसरी सेवाओं के लिए UPI और RuPay कार्ड से डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू कर सकते हैं। जहां इंटरनेट या मोबाइल कनेक्टिविटी कम है, वहां स्कूल UPI Lite, UPI LiteX और UPI 123PAY जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। डिजिटल पेमेंट को आसानी से अपनाने के लिए स्कूलों में डेमो दिखाने और जरूरत पड़ने पर मदद देने की व्यवस्था की जा सकती है।

सीबीएसई डिजिटल पेमेंट सर्कुलर
स्कूल फीस जमा करने के लिए बीबीपीएस से जुड़ें
इसके अलावा स्कूल को निर्देश दिया गया है कि, स्कूल फीस जमा करने के लिए भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) से जुड़ सकते हैं, जिससे भुगतान सुरक्षित और आसान हो सके। स्कूल ERP सिस्टम को वेतन और हर महीने होने वाले दूसरे भुगतानों से जोड़ सकते हैं, ताकि इनका काम आसान हो जाए।
CBSE Digital Payments Circular 2026: Check Here
डिजिटल भुगतान के लिए टीचर और अभिभावकों को दें ट्रेनिंग
स्कूलों में शिक्षकों की ट्रेनिंग और अन्य अभियानों के दौरान डिजिटल पेमेंट के बारे में जानकारी दी जा सकती है। छात्रों को डिजिटल पेमेंट समेत पैसों के सही इस्तेमाल और वित्तीय समझ से जुड़ी जानकारी दी जा सकती है। अभिभावकों को डिजिटल भुगतान का सुरक्षित और आसान तरीके से इस्तेमाल समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाए। स्कूल परिसर, कार्यक्रमों और पेरेंट-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान भी डिजिटल भुगतान को लेकर जागरूकता फैलाई जा सकती है।
