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नोएडा की 'सुपरनोवा' बिल्डिंग की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, शरीर के हुए दो हिस्से; एक दिन के लिए होमस्टे में रुका था मृतक

नोएडा सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी के एस्पायर टावर की 43वीं मंजिल से कूदकर एक युवक ने जान दे दी। थाना सेक्टर-126 पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

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घटना का वीडियो भी आया सामने

Noida Supernova Suicide: उत्तर प्रदेश के नोएडा में थाना सेक्टर-126 क्षेत्र अंतर्गत सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी में शनिवार को एक अत्यंत दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। सोसाइटी के एस्पायर टावर की 43वीं मंजिल से कूदकर एक अज्ञात युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। अत्यधिक ऊंचाई से गिरने के कारण युवक के शरीर के दो टुकड़े हो गए और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। जमीन से टकराते ही हुई भीषण आवाज सुनकर आसपास मौजूद सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग सहम गए।

होमस्टे में रुका था युवक

युवक की पहचान संभव जैन, निवासी मानेसर, गुरुग्राम के रूप में हुई है। वह सुपरनोवा के एक होमस्टे में ठहरा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, संभव जैन शुक्रवार को सुपरनोवा में चेक-इन हुआ था और शनिवार को उसे चेक-आउट करना था। चेक-आउट से पहले ही उसने इमारत की 43वी से छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि घटना के समय पास के फ्लैट में कुछ लोग AC रिपेयरिंग का काम कर रहे थे। उन्होंने युवक को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन वह नीचे कूद गया।

मौके पर पहुंची पुलिस, शव कब्जे में लेकर शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही थाना सेक्टर-126 पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे क्षेत्र को सील कर दिया। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि संभव जैन कथित तौर पर कर्ज की समस्या से परेशान था। आत्महत्या से पहले उसने अपने पिता को WhatsApp पर मैसेज भेजकर बताया था कि वह जीना नहीं चाहता और आत्महत्या करने की बात कही थी। उसने लिखा कि इसकी जिम्मेदारी खुद उसकी है। हालांकि, आत्महत्या की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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