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Double Texting: डेटिंग की दुनिया में छाया डबल टेक्स्टिंग का खौफ, दूसरा मैसेज भेजने से क्यों डर हैं लोग

पुराने समय से यह माना जाता रहा है कि डेटिंग में अपनी रुचि को थोड़ा छिपाकर रखना चाहिए। लोगों को लगता है कि अगर वे लगातार मैसेज करेंगे, तो सामने वाले की नजर में उनकी वैल्यू कम हो जाएगी।

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क्या होती है डबल टेक्सटिंग, रिश्तों पर कैसे डाल रही असर (Photo: iStock)

Double Texting in Relationship: एक वक्त था जब प्यार बस हो जाता था, लेकिन आज तो लोग एक-एक कदम सोच-समझकर और फूंक-फूंक कर उठाता है। आज जब हर हाथ में मोबाइल है तो इसका असर प्यार-मोहब्बत की दुनिया पर भी पड़ा है। डेटिंग के दौरान मैसेजिंग के कई अलिखित नियम बन चुके हैं। इनमें से सबसे आम नियम है- जब तक सामने वाले का रिप्लाई न आ जाए, तब तक दूसरा मैसेज मत भेजो। ऐसा ना करने को 'डबल टेक्स्टिंग' कहा जाता है। इसको लेकर बहुत से लोगों में खौफ भी है। ऐसे ज्यादातर लोग सोचते हैं कि तुरंत या दूसरा मैसेज भेजने से वे बहुत ज्यादा डेस्परेट या उत्सुक नजर आएंगे।

ऐसे लोगों को रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स और मॉडर्न डेटिंग साइकोलॉजिस्ट्स की पहली सलाह ये है कि डबल टेक्स्टिंग कोई शर्मनाक काम या डेटिंग मिस्टेक नहीं है। वास्तव में, सही संदर्भ में भेजा गया दूसरा मैसेज आपके रिश्ते को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है। आइए समझते हैं कि डबल टेक्स्टिंग को लेकर बनी धारणाएं क्यों बदल रही हैं और क्यों दूसरा मैसेज भेजना पूरी तरह सामान्य है।

क्यों बना है डबल टेक्स्टिंग का खौफ?

पुराने समय से यह माना जाता रहा है कि डेटिंग में अपनी रुचि को थोड़ा छिपाकर रखना चाहिए। लोगों को लगता है कि अगर वे लगातार मैसेज करेंगे, तो सामने वाले की नजर में उनकी वैल्यू कम हो जाएगी या वे नीडी लगेंगे। यह सोच बातचीत को एक प्राकृतिक प्रवाह के बजाय पावर गेम या शतरंज की चाल में बदल देती है।

विशेषज्ञ क्यों मानते हैं कि डबल टेक्स्टिंग गलत नहीं है?

लोग व्यस्त होते हैं, अनदेखा नहीं करते

हर बार रिप्लाई न आने का मतलब यह नहीं होता कि सामने वाला आपमें दिलचस्पी नहीं रखता। मॉडर्न लाइफस्टाइल में लोग काम, मीटिंग्स या किसी अन्य काम में व्यस्त हो सकते हैं। कई बार लोग मैसेज पढ़कर मन में रिप्लाई सोच लेते हैं, लेकिन टाइप करना भूल जाते हैं। ऐसे में एक सहज दूसरा मैसेज बातचीत को फिर से शुरू कर सकता है।

यह आपकी ईमानदारी और स्पष्टता दिखाता है

यदि आप किसी विषय को लेकर उत्साहित हैं या कोई विचार आपके दिमाग में आया और आपने तुरंत दूसरा मैसेज भेज दिया, तो यह आपकी वास्तविक भावनाओं को दर्शाता है। खेल खेलने के बजाय अपनी बात सीधे कहना परिपक्वता का प्रतीक है।

रिदम और उत्सुकता बनाए रखता है

जब दो लोग एक-दूसरे को पसंद करते हैं, तो बातचीत का प्राकृतिक प्रवाह बना रहना चाहिए। अगर आपके पास साझा करने के लिए कोई मजेदार मीम, खबर या विचार है, तो केवल रूल्स का पालन करने के लिए खुद को रोकना रिश्ते के उत्साह को ठंडा कर सकता है।

कब और कैसे करें डबल टेक्स्टिंग?

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि दूसरा मैसेज भेजते समय कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना चाहिए। दूसरा मैसेज शिकायती लहजे में भेजने के बजाय किसी नई और हल्की-फुल्की बात या मीम से शुरू करें। पहला मैसेज भेजने के तुरंत बाद लगातार 4-5 मैसेज न भेजें। कुछ घंटों या अगले दिन का इंतजार करें।

अगर दूसरे मैसेज के बाद भी सामने वाले का कोई जवाब नहीं आता या उनका रिप्लाई हमेशा रूखा रहता है, तो समझ जाएं कि उनकी रुचि कम है। ऐसे में बार-बार मैसेज करने से बचें।

डेटिंग में किसी अलिखित रूल बुक को फॉलो करने के बजाय अपने आत्म-सम्मान और सहजता का संतुलन बनाना जरूरी है। अगर आपकी नीयत साफ है और आप केवल बातचीत का दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो डबल टेक्स्टिंग से शर्माने की कोई जरूरत नहीं है। सच्चा जुड़ाव माइंड गेम्स से नहीं, बल्कि खुली और ईमानदार बातचीत से ही बनता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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