एजुकेशन

7.23 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकेंगे नोएडा के स्कूल, यूनिफॉर्म और किताबों पर भी सख्त नियम लागू, DM ने दिए आदेश

स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया के बीच मनमानी फीस वृद्धि को लेकर गौतमबुद्धनगर​ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में फीस रेगुलेटरी कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें शैक्षणिक सत्र 26-27 के लिए स्कूल फीस को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए।

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जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में फीस वृद्धि सीमा तय की गई

स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया के बीच मनमानी फीस वृद्धि को लेकर गौतमबुद्धनगर जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में फीस रेगुलेटरी कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्कूल फीस और अन्य नियमों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में साफ किया गया कि इस सत्र में स्कूल अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे। इससे अधिक फीस वृद्धि करने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया गया है, ताकि छात्रों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए एक ईमेल आईडी feecommitteegbn@gmail.com जारी की गई है, जहां फीस या अन्य संबंधित समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बावजूद अगर कोई स्कूल बार-बार नियम तोड़ता है तो स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।

जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में फीस वृद्धि सीमा तय की गई

बता दें कि फीस रेगुलेटरी कमेटी ने अभिभावकों को राहत देते हुए यह भी निर्देश दिया कि कोई भी स्कूल बच्चों या उनके माता-पिता को किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। सभी अभिभावकों को अपनी सुविधा अनुसार बाजार से सामान खरीदने की स्वतंत्रता होगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला भी लिया गया कि बिना अनुमति या एनओसी के किसी भी स्कूल में स्विमिंग पूल का संचालन नहीं किया जाएगा।

वेबसाइट पर देनी होगी जानकारी

इसके साथ ही स्कूलों को यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे फीस बढ़ोतरी से संबंधित पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। डीएम मेधा रूपम ने सख्त लहजे में कहा है कि सभी स्कूल इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

स्कूल ड्रेस को लेकर भी बड़ा निर्णय

इसके अलावा, स्कूल ड्रेस को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है। अब कोई भी स्कूल हर साल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। ड्रेस में बदलाव कम से कम 5 साल के अंतराल के बाद ही किया जा सकेगा। साथ ही हर साल किताबें बदलने पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ न पड़े।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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