Noida RTE Admission: यदि आप भी नोएडा में रहते हैं और आरटीई यानी शिक्षा के अधिकार के तहत स्कूल में एडमिशन के लिए आपके बच्चे का नाम आ गया है, लेकिन स्कूल लगातार आनाकानी कर रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चयनित बच्चों को दाखिला देने में बहानेबाजी करने वाले प्राइवेट स्कूलों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख दिखाया है। इस समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी मेधा रूपम ने 32 प्रमुख स्कूलों के प्रबंधकों के साथ समीक्षा बैठक किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि चयनित बच्चों को अब तक प्रवेश क्यों नहीं दिया गया और स्कूलों द्वारा किस आधार पर दाखिले में देरी की जा रही है।
बता दें आरटीई के तहत जिले में तीन चरण की आवेदन प्रक्रिया के बाद 4330 सीटें आवंटित की गई थी। इसमें अब तक केवल 3380 बच्चों को ही एडमिशन मिल सका है। यहां कुल 950 बच्चे और उनके अभिभावक पिछले कई महीनों से एडमिशन के लिए परेशान हैं। स्कूल लगातार आनाकानी कर रहे हैं।
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अभिभावकों को किया जा रहा है परेशान
बता दें अभिभावक पिछले कई महीनों से स्कूलों और शिक्षा विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। कई अभिभावकों का आरोप है कि आरटीई के तहत एडमिशन के लिए लिस्ट में नाम आ गया है, लेकिन स्कूल लगातार कई तरह के कारण बताकर प्रवेश देने से मना कर रहे हैं। वहीं कई स्कूलों द्वारा अभिभावकों को परेशान करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज की मांग की जा रही है।
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आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों व अभिभावकों की मदद
बता दें आरटीई का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसलिए किसी भी पात्र बच्चे को एडमिशन से वंचित नहीं किया जा सकता है। प्रशासन की इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि लंबे समय से प्रवेश का इंतजार कर रहे सैकड़ों बच्चों संबंधित स्कूल में जल्द ही एडमिशन मिलेगा।
