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सपनों के आगे दर्द भी हारा! 9 पसलियां टूटी, फेफड़े घायल,ऑक्सीजन सपोर्ट पर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा, एनटीए ने किए खास इंतजाम

NEET Re Exam 2026: नीट री एग्जाम से चंद दिनों पहले भीषण हादसे के बाद कोलकाता की श्रिष्टि दुबे ने हार नहीं मानी और परीक्षा में शामिल हुई। इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और एनटीए ने छात्रा के लिए खास इंतजाम किए। परीक्षा केंद्र पर डॉक्टर की टीम भी मौजूद रही।

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ऑक्सीजन सपोर्ट पर NEET एग्जाम देने पहुंची छात्रा, एनटीए ने किए खास इंतजाम

NEET Re Exam 2026: कहते हैं कि अगर आपके अंदर कुछ कर गुजरने का जज्बा है तो रास्ते कितने भी कठिन हों या हालात कैसे भी हों उसे उसकी मंजिल तक पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता..यह लाइन मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाली कोलकाता की श्रिष्टि दुबे पर सटीक बैठती है। श्रष्टि के इरादों के आगे आज किस्मत ने भी अपने घुटने टेक दिए हैं। बता दें नीट यूजी की दोबारा परीक्षा से कुछ दिन पहले वह एक खौफनाक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। हादसे में उन्हें कई गंभीर चोटें आई थी। परिवार के मुताबिक उनकी नौ पसलियां टूट गई थी और फेफड़ों में भी गंभीर चोट पहुंची थी। इलाज के दौरान उनकी सर्जरी भी हुई और अभी वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाई थी।

इसके बावजूद बहादुर बच्ची ने डॉक्टर बनने का सपना टूटने नहीं दिया। उन्होंने और उनके परिवार ने फैसला किया कि वह हर हाल में नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा देंगी। इसके लिए उनके माता-पिता ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर विशेष सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि छात्रा की शारीरिक स्थिति सामान्य उम्मीदवारों जैसी नहीं है और परीक्षा केंद्र पर कुछ विशेष सुविधाओं की जरूरत होगी।

छात्रा को उपलब्ध करवाई गई विशेष सुविधा

मामले की गंभीरता को देखते हुए NTA ने तुरंत कार्रवाई की। साथ ही देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रा के माता पिता से बात की और उन्हें पूरा आश्वासन दिया कि परीक्षा के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए कोलकाता के ढाकुरिया स्थित परीक्षा केंद्र पर छात्रा के लिए अलग से एक कमरा उपलब्ध कराया गया। यह कमरा ग्राउंड फ्लोर पर रखा गया ताकि उन्हें सीढ़ियां चढ़ने या अधिक चलने की परेशानी न हो। परीक्षा के दौरान उनकी सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया।

एग्जाम सेंटर पर डॉक्टर की टीम तैनात

इतना ही नहीं एग्जाम सेंटर पर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम भी तैनात की गई। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक एम्बुलेंस को भी स्टैंडबाय रखा गया। अधिकारियों ने छात्रा को इलाज के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण अपने साथ रखने की अनुमति भी दी, जिससे वह परीक्षा के दौरान सहज महसूस कर सकें।

माता पिता ने शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया

परीक्षा के दौरान उनके माता पिता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया। शिक्षा मंत्री ने उनकी माता से भी बात की और पूछा कि बेटी अच्छे से परीक्षा दे रही है? और बिटिया का हाल भी पूछा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बिटिया जल्द डॉक्टर बनेगी।

Aditya Singh
आदित्य सिंहauthor

आदित्य सिंह टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में एजुकेशन सेक्शन पर लिखते हैं। मीडिया में 5 साल का अनुभव रखने वाले आदित्य सिंह स्कूली शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं, जॉब वैकेंसी, करियर ऑप्शन्स, बोर्ड रिजल्ट, एग्जाम टिप्स और करंट अफेयर्स—इन सभी पर उनकी पकड़ मजबूत है। तेजी से खबर ब्रेक करना और युवाओं को उपयोगी और प्रेरक जानकारी देना उनकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। पांच साल से आदित्य सिंह लगातार एजुकेशन सेक्शन के लिए खबरें लिख रहे हैं और छह हजार से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। एक एजुकेशन राइटर के रूप में उनका फोकस हमेशा यही रहता है कि छात्रों और युवाओं तक सटीक, समय पर और उपयोगी जानकारी सबसे पहले पहुंचे।

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