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NEET UG Re Exam 2026: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में सेंटर मिलने पर NTA ने दी सफाई

NEET UG Re-Exam 2026: महाराष्ट्र के नागपुर निवासी एक छात्र के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में दिखाया गया था। इस पर एनटीए ने Tweet कर पूरी बात बताई है।

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NEET UG Re Exam 2026: नागपुर के छात्र को अबू धाबी में सेंटर मिलने पर NTA ने दी सफाई (Image - Chatgpt)

NEET UG Re-Exam 2026 से ठीक पहले एडमिट कार्ड में हुई एक बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया था। महाराष्ट्र के नागपुर निवासी एक छात्र के एडमिट कार्ड में परीक्षा केंद्र भारत की बजाय संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में दिखाया गया था। इस घटना ने परीक्षा से पहले छात्रों और अभिभावकों की चिंता एक बार फिर से बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, नागपुर के छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब ने जब री-एग्जाम के लिए अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र के रूप में अबू धाबी स्थित एक एग्जाम सेंटर था।

यह मामला ऐसे समय सामने आया, जब देशभर में 21 जून को NEET UG Re-Exam आयोजित किया जाना है और उम्मीदवार परीक्षा की अंतिम तैयारियों में जुटे हुए हैं। एडमिट कार्ड में विदेशी परीक्षा केंद्र का नाम दिखाई देने से छात्र और उसका परिवार हैरान रह गया। घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में एडमिट कार्ड से जुड़ी ऐसी तकनीकी गलतियां छात्रों के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं।

देखें एनटीए का आधिकारिक ट्वीट

फिलहाल इस मामले में NTA ने अपना पक्ष रखा है। एजेंसी के अनुसार, जब करेक्शन विंडो ओपन की गई थी,तब करीब 3.2 लाख उम्मीदवारों ने इस सुविधा का फायदा उठाया। इनमें से 99.5% से अधिक को उनकी पसंद का परीक्षा शहर दिया गया। एजेंसी ने आगे कहा कि वेब-रिकॉर्ड से साफ है कि परीक्षा शहर में बदलाव उम्मीदवार के रजिस्टर्ड लॉगिन से ही किया गया था। लॉगिन पैटर्न से पता चलता है कि एक ही यूजर ने यह बदलाव किया।

आखिरी समय पर बदला सेंटर

अबू धाबी सेंटर चुनने के बावजूद उम्मीदवार की ओर से 19 जून की शाम, यानी परीक्षा से 48 घंटे पहले, सेंटर बदलकर नागपुर करने का अनौपचारिक अनुरोध आया। NTA ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और उसी शाम उम्मीदवार के पिता से संपर्क करके औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने में मदद की। NTA ने यह भी बताया कि रिकॉर्ड में तीन बार यह देखा गया—एक बार लॉगिन क्रेडेंशियल्स के जरिए सेंटर 'अबू धाबी' किया गया और दो बार यह जांचा गया कि सेंटर 'अबू धाबी' ही है। इसके बावजूद एजेंसी ने छात्र के अनुरोध को मानते हुए सेंटर बदल दिया।

एजेंसी ने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता यह है कि कोई भी अभ्यर्थी प्रशासनिक गड़बड़ी या संदेह के कारण परीक्षा से वंचित न रहे।

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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