केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज टाइम्स नाउ नवभारत से नीट यूजी पेपर लीक पर खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने कई अहम मुद्दों पर बात की और बताया कि क्या है वो लूप होल, जहां से परीक्षा माफिया करते हैं खेल। टाइम्स नाउ नवभारत के रविकांत राय के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि असली सवाल तक लोग नहीं पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 'समाज में चल रही स्पर्धा को देखिए, ऐसी क्या मजबूरी है कि कम नंबर वाले भी मेडिकल प्रवेश परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। समाज में ऐसे बहुत से छात्र हैं, जिनके घर में पैसा आ गया है, उन्हें लगता है कि मेरा बेटा या बेटी भी डॉक्टरी करें, भले वो योग्य नहीं है। कई माता पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे डाक्टरी करें, इसलिए वे मेडिकल पढ़ाने की कोशिश करते हैं, और यही से परीक्षा माफिया एक्टिव हो जाते हैं।
कहां है लूप होल
परीक्षा माफिया मोटे पैसे का लेनदेन करने के लिए पेपर लीक कराने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, और यही वो लूप होल बन जाता है जहां क्राइम को अवसर मिल जाता है।' उन्होंने कहा कि 'सीबीआई नीट यूजी पेपर लीक के तह तक पहुंचने के लिए समर्पित है। मैं बिल्कुल आपके माध्यम से आश्वस्त करना चाहूंगा कि इस बार लीक प्रूफ होगी परीक्षा।'
जाहिर है इतने कम समय में परीक्षा को आनलाइन नहीं कराया जा सकता है, इसलिए इस साल 21 को होने वाली नीट यूजी परीक्षा पेन और पेपर मोड में होगी, जबकि अगले साल 2027 से इसे आनलाइन कराया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस बार जो गलती हुई है उसे सुधारा जाएगा और किसी भी कीमत पर बच्चों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। बता दें, प्रधानमंत्री भी इस मुद्दे को मॉनिटर कर रहे हैं, देश के 140 करोड़ लोगों की सुरक्षा समृद्धि के उत्तरदायित्व उनके पास है। बच्चों के साथ तो उनके अलग लगाव है। 21 जून को होने वाली पेपर में कोई कमी नहीं होगी।
