नीट यूजी पेपर लीक मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने टाइम्स नाउ नवभारत से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि 3 मई को पेपर की सुरक्षा को लेकर गड़बड़ी हुई थी, जिनको हमने दायित्व दिया था उस स्तर पर चूक हुई, अब इस मामले को सीबीआई संभाल रही है। जल्द ही वह तह तक पहुंच जाएगी। हम एक भी विद्यार्थी के हक को कांप्रोमाइस नहीं करेंगे। मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं सरकार पूरी तरह तत्पर है। केवल NTA ही नहीं जो भी लोग जिम्मेदार होंगे उस पर गाज गिरना तय है।
छात्रों को कैसे होगा भरोसा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा 'परीक्षा माफियाओं की वजह से परीक्षा को रद्द किया गया, ताकि छात्रों को भरोसा रहे कि योग्य उम्मीदवार ही आगे जाएगा। परीक्षा का आयोजन दोबारा से 21 जून को कराया जा रहा है। इस बार तैयारियां पहले से ज्यादा दुरुस्त है। पेपर को लीक प्रूफ रखा जाएगा। मैं पूरा जिम्मेवारी के साथ कह रहा हूं सरकार इस बार तत्पर है।
लीक प्रूफ कैसे होगी परीक्षा
इस बार कई लेयर्स में सुरक्षा का ध्यान रखा हा रहा है। इसके लिए एक सिक्योरिटी इकोसिस्टम बनाया जा रहा है। हम केवल आगे की नहीं बल्कि पीछे की कमियों को भी ध्यान में रख कर चल रहे हैं। उन्होंने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में आगे बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि किसी प्रकार की लापरवाही इस बार स्वीकार नहीं की जाएगी।
विदेशों में पेपर लीक की घटनाएं क्यों नहीं आती सामने?
उन्होंने बताया कि विदेशों में खासकर विकसित देशों में इतनी बड़ी परीक्षा की तैयारी के लिए दो-तीन दिन तक इंटरनेट तक बंद कर देते हैं, ताकि देश भर में कहीं भी इंटरनेट के जरिये पेपर को भेजा नहीं जा सके। लेकिन हमारी तैयारी भी फुलप्रूफ होगी। नीट यूजी री एग्जाम को लीक प्रूफ बनाने के लिए इंडियन एयरफोर्स की मदद लेने पर विचार चल रहा है।
