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NEET UG 2027: छह दिनों में करीब एक हजार केंद्रों पर होगी कंप्यूटर आधारित परीक्षा, जानें क्या है पूरी खबर

NEET UG 2027 Exam Paper Mode: चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अगले साल राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) कंप्यूटर आधारित होगी और इसे छह दिनों में करीब एक हजार केंद्रों पर आयोजित करने की योजना है।

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NEET UG 2027

NEET UG 2027: चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अगले साल राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) कंप्यूटर आधारित होगी और इसे छह दिनों में करीब एक हजार केंद्रों पर आयोजित करने की योजना है।चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अगले साल राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) कंप्यूटर आधारित होगी और इसे छह दिनों में करीब एक हजार केंद्रों पर आयोजित करने की योजना है। किसी भी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए नीट सबसे बड़ी परीक्षा है और इसमें करीब 25 लाख अभ्यार्थी शामिल होते हैं। प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की कि अगले साल से नीट पारंपरिक कागज-कलम के बजाय कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (सीबीटी) होगी।

सूत्रों की मानें तो नीट-यूजी को पारंपरिक कागज-कलम या ऑनलाइन कराने को लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच कई सालों से विचार-विमर्श चल रहा है। सूत्र के अनुसार, अभियांत्रिकी महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए होने वाले जेईई (संयुक्त इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा) की तरह ही, यह परीक्षा भी कम से कम छह दिनों तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों का चुनाव उनकी विश्वसनीयता और वहां मौजूद आधारभूत संरचना की जांच-पड़ताल के बाद किया जाएगा। इसकी डिटेल में प्लानिंग चल रही है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) हर साल चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए नीट आयोजित करती है। देश में एमबीबीएस (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) पाठ्यक्रम के लिए कुल 1,08,000 सीटें उपलब्ध हैं।

एमबीबीएस पाठ्यक्रम में उपलब्ध सीट में से लगभग 56,000 सीट राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और करीब 52,000 सीट निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की हैं। दंत चिकित्सा, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भी नीट के नतीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

नीट को सीबीटी के आधार पर कराने का विचार नया नहीं है और इस पर पहले भी कई बार चर्चा हो चुकी है। हालांकि, परीक्षा में सुधार की मांग प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद उठी। शिक्षा मंत्रालय ने जून 2024 में सुधारों के लिए सुझाव देने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया था।

भाषा इनपुट के साथ

Neelaksh Singh
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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