Explained: भारत के बड़े शिक्षण संस्थान जैसे IIT और IIM देश से बाहर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। भारत के यह टॉप संस्थान दूसरे देशों में अपने कैंपस शुरू करने की तैयारी में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। कुछ जगहों पर काम शुरू भी हो चुका है। बताते चलें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6-8 जुलाई तक इंडोनेशिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री ने 7 जुलाई को घोषणा की कि भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) बेंगलुरु अपना पहला विदेशी कैंपस इंडोनेशिया में स्थापित करेगा। संस्थान ने कहा कि यह पहल दो चरणों में शुरू की जाएगी। इसकी शुरुआत कम छोटी अवधि वाले एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम से होगी और बाद में डिग्री देने वाले कोर्स भी शुरू किए जाएंगे।
IIM-B के अनुसार, इंडोनेशिया में IIMB (सिंघासारी) कैंपस सीनियर लीडर्स और लीडरशिप रोल के लिए तैयारी कर रहे प्रोफेशनल्स के लिए एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पेश करेगा। करिकुलम में मैनेजमेंट के मुख्य विषयों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्लोबल सप्लाई चेन, क्लाइमेट और सस्टेनेबिलिटी, और हेल्थकेयर जैसे नए क्षेत्र भी शामिल होंगे। संस्थान डिग्री प्रोग्राम भी शुरू करेगा, जबकि इंडोनेशिया में कैंडिडेट्स क्लासरूम लर्निंग के साथ-साथ IIM-B के मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेस (MOOCs) का भी लाभ उठा सकेंगे। संस्थान ने कहा कि यह पहल एकेडमिक्स से आगे बढ़कर इंडोनेशिया और पूरे ASEAN क्षेत्र में रिसर्च सहयोग, फैकल्टी डेवलपमेंट, कंसल्टिंग एंगेजमेंट, पॉलिसी पार्टनरशिप, स्टूडेंट एक्सचेंज और इंडस्ट्री लिंकेज को बढ़ावा देगी।
ये कदम NEP 2020 के उस लक्ष्य से जुड़ा है जिसमें भारत को दुनिया का शिक्षा केंद्र बनाने की बात कही गई है।
विदेश की ओर बढ़ते कदम
विदेश में कैंपस खोलने का मकसद सिर्फ अपने कैंपस की संख्या बढ़ाना नहीं है। इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं:
- ग्लोबल लेवल पर पहचान: भारतीय शिक्षा को दुनिया भर में नई साख दिलाना
- प्रतिस्पर्धा: दुनिया की बड़ी यूनिवर्सिटी के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार होना
- सहयोग: विदेशी छात्रों को आकर्षित करना और रिसर्च, फैकल्टी एक्सचेंज व इंडस्ट्री से जुड़ाव बढ़ाना
इससे भारत के संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट, इनोवेशन और अकादमिक साझेदारी के नए मौके मिलेंगे
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किन संस्थानों ने शुरुआत की?
(1) IIT की तरफ से:
- IIT दिल्ली ने अबू धाबी में अपना कैंपस शुरू कर दिया है। वहां UG और PG कोर्स चल रहे हैं।
- IIT मद्रास ने IITM Global के नाम से अंतरराष्ट्रीय रिसर्च और अकादमिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया है।
- IIT बॉम्बे भी विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप के जरिए बाहर विस्तार की योजना बना रहा है।
(2) IIM की तरफ से:
इंडोनेशिया में खुलेगा IIM बेंगलुरु: IIM बेंगलुरु अपना पहला विदेशी कैंपस इंडोनेशिया के मलंग शहर में खोल रहा है। शुरु में यहां काम कर रहे सीनियर प्रोफेशनल्स और बिजनेस लीडर्स के लिए छोटे कोर्स चलेंगे। बाद में यहां फुल टाइम MBA डिग्री भी शुरू की जाएगी, जिसमें आप AI, डिजिटलाइजेशन, सप्लाई चेन, क्लाइमेट-सस्टेनेबिलिटी और हेल्थकेयर मैनेजमेंट पढ़ने का मौका पाएंगे। ये कैंपस पहले इंडोनेशिया के छात्रों के लिए बनेगा, लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया के बाकी देश के लोग भी यहां एडमिशन ले पाएंगे।
IIM Bangalore in Indonesia
दुबई में IIM अहमदाबाद: IIM अहमदाबाद दुबई में अपना पहला विदेशी कैंपस चला रहा है। भारत से बाहर पूरा कैंपस खोलने वाला ये पहला IIM है। यहां काम करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए 1 साल का फुल-टाइम MBA चल रहा है। इसके अलावा जनरल मैनेजमेंट का कोर्स भी चल रहा है। पूरे साल यहां अलग-अलग एग्जीक्यूटिव कोर्स भी होते रहते हैं। इसके अलावा IIM भी अलग-अलग देशों में कार्यकारी शिक्षा केंद्र, सहयोग ऑफिस और नए कैंपस के विकल्प तलाश रहे हैं।
छात्रों को क्या मिलेगा?
1 - भारतीय डिग्री, अंतरराष्ट्रीय माहौल: IITs और IIMs के विदेशी कैंपस खुलने से छात्रों के लिए कई नए अवसर सामने आ सकते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्र नजदीकी देशों में भारतीय संस्थानों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्री हासिल कर सकेंगे।
2- ग्लोबल एक्सपोजर: अगर कोई छात्र विदेश में रह रहा है और वहां मौजूद भारतीय कैंपस में एडमिशन लेता है, तो ऐसे में उसे न केवल अलग-अलग देशों के छात्रों के साथ पढ़ने का अवसर मिलेगा बल्कि एक से बढ़कर एक प्रोफेसरों की गाइडेंस भी मिलेगी।
3- बेहतर मौके: रिसर्च, ड्यूल डिग्री, MNC में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के चांस बढ़ेंगे। इसके अलावा ग्लोबल लेवल पर एक्सपोजर भी मिलेगा, जिसके बाद मल्टीनेशनल कंपनियों में इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसे अवसर भी पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत हो सकते हैं।
4- कम लागत में विदेशी अनुभव: अब विदेश में जाकर पढ़ने के लिए सिर्फ पश्चिमी देशों के संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भारतीय संस्थानों के विदेशी कैंपस कम खर्च में इंटरनेशनल शिक्षा दे सकते हैं।
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किन देशों में खुल रहे हैं कैंपस?
- IIT दिल्ली - अबू धाबी (UAE)
- IIM अहमदाबाद - दुबई (UAE)
- IIM लखनऊ - सऊदी अरब में कैंपस स्थापित करने की दिशा में काम
भारत के लिए इसका क्या मतलब है?
IIT-IIM का बाहर जाना दिखाता है कि भारत एजुकेशन हब बनने को तैयार है। इन कदमों से न केवल भारतीय शिक्षण संस्थानों की साख मजबूत होगी बल्कि छात्रों को नए नए अवसर भी मिलेंगे। भारत इस कदम के जरिये अपनी शिक्षा की गुणवत्ता से दुनिया को परिचित कराना चाहता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यदि विदेशों में IIT-IIM की संख्या में इजाफा होगा, तो भारत की उच्च शिक्षा को नई पहचान मिलेगी। इससे छात्रों को वर्ल्ड-क्लास पढ़ाई, बेहतर करियर ऑप्शन और अंतरराष्ट्रीय अनुभव एक साथ मिल सकेगा।
