NEET Re Exam 2026: 21 जून को होने वाली NEET-UG री-एग्जाम की तैयारियों को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए परीक्षा की तैयारियों, सुरक्षा व्यवस्था और समन्वय तंत्र का जायजा लिया। उन्होंने साफ कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में ईमानदारी, पारदर्शिता और दक्षता के सर्वोच्च मानकों को हर हाल में बनाए रखा जाए।
बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी, NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह सहित शिक्षा मंत्रालय, राज्य सरकारों, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और उच्च शिक्षण संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को निर्देश
धर्मेंद्र प्रधान ने सभी संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि री-एग्जाम निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के संपन्न होना चाहिए। इसके लिए शिक्षा मंत्रालय द्वारा नियुक्त अधिकारी सभी राज्यों में भेजे जाएंगे, जो परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी करेंगे और NTA के महानिदेशक के नेतृत्व वाले कमांड सेंटर को रिपोर्ट देंगे।
शिक्षा मंत्री ने राज्य सरकारों के नोडल अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षार्थियों को तनावमुक्त माहौल मिले और उन्हें परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार ने कहा कि छात्रों को परीक्षा से पहले बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि वे पूरी सहजता के साथ परीक्षा दे सकें।

NEET Exam 2026
परीक्षा से पहले का समय महत्वपूर्ण
वहीं उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने कहा कि परीक्षा से पहले का समय बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में सभी एजेंसियों के बीच सक्रिय समन्वय, समय पर निर्देशों का प्रसार और निर्धारित प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि एजेंसी जिला स्तर की समन्वय समितियों, जिला प्रशासन, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
परीक्षा सुरक्षा और लॉजिस्टिक व्यवस्था
बैठक में परीक्षा सुरक्षा, लॉजिस्टिक व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली, समन्वय तंत्र और परीक्षा दिशानिर्देशों के पालन पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सभी हितधारकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निर्बाध रहे।
हाइब्रिड मोड में आयोजित इस समीक्षा बैठक में देशभर से कुल 222 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय संस्थानों के नोडल अधिकारी, विश्वविद्यालयों के कुलपति और उच्च शिक्षण संस्थानों के निदेशक शामिल थे। सभी ने परीक्षा के सफल आयोजन के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया और उम्मीदवारों को बेहतर एवं परेशानी मुक्त अनुभव देने का भरोसा जताया
