NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की नई किताब के एक चैप्टर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। NCERT ने 24 फरवरी 2026 को कक्षा 8 के लिए “Exploring Society: India and Beyond, Vol II” नाम की सोशल साइंस भाग-2 की किताब जारी की थी। किताब आने के बाद यह देखा गया कि चैप्टर 4 “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” (पेज 125-142) में अनजाने में कुछ अनुचित पाठ्य सामग्री और निर्णय सम्बन्धी त्रुटि शामिल हो गई है।
इस पर शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने भी आपत्ति जताई और किताब के वितरण पर अगला आदेश आने तक रोक लगाने के निर्देश दिए। NCERT ने इस निर्देश का पालन करते हुए किताब की बिक्री रोक दी है। NCERT ने बयान जारी कर कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करता है और उसे भारतीय संविधान का रक्षक और मौलिक अधिकारों का संरक्षक मानता है। संस्था ने कहा कि यह गलती पूरी तरह अनजाने में हुई है और इसके लिए खेद व्यक्त किया गया है।
अथॉरिटी से सलाह लेकर दोबारा लिखा जाएगा
NCERT ने स्पष्ट किया कि नई किताबों का उद्देश्य छात्रों में संविधान की समझ, संस्थाओं के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक भागीदारी की सही जानकारी बढ़ाना है। किसी भी संवैधानिक संस्था की गरिमा को कम करने का कोई इरादा नहीं था। NCERT ने कहा कि इस चैप्टर को अथॉरिटी से सलाह लेकर दोबारा लिखा जाएगा और संशोधित किताब शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत में छात्रों को उपलब्ध कराई जाएगी। NCERT ने एक बार फिर इस चूक के लिए माफी मांगी है और कहा है कि वह संस्था की गरिमा और सम्मान बनाए रखने के लिए लगातार काम करता रहेगा।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की किताब में 'जुडिशरी में करप्शन' चैप्टर पर चिंता जताई। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि दुनिया में किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बता दें कि 8वीं सोशल साइंस की नई किताब में विवादित चैप्टर 'जुडिशरी में करप्शन' की वजह से रोक लगाई गई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के सामने सीनियर वकील कपिल सिब्बल और डॉ अभिषेक मनु सिंघवी ने यह मुद्दा मुद्दा उठाया।
NCERT ने माफी मांगते हुए बताई वजह
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी और शिक्षा मंत्रालय के बाद एनसीईआरटी ने माफी मांगी। एनसीईआरटी ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब पर रोक लगा दी। एनसीईआरटी ने बयान जारी कर कहा, ये गलती अनजाने में हुई। प्रकाशित विवादित कंटेंट पर खेद है।
