Ministry of Education is promoting AI and CT in school education: शिक्षा मंत्रालय, टेक्नोलॉजी को शिक्षा में शामिल करके सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को बढ़ावा दे रहा है। NCERT की किताबों में AI और उभरती हुई टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों में AI की समझ का विकास करना है। वर्ष 2026-27 से कक्षा III से VIII के लिए एक विशेष CT और AI कोर्स शुरू किया गया है। DIKSHA, SWAYAM और PM eVidya जैसे प्लेटफॉर्म द्वारा सपोर्टेड ये कोर्सेज स्कूलों में डिजिटल एजुकेशन और इनोवेशन को मजबूत बना रहे हैं।
अगले 2-3 सालों में भारत के सभी हाई स्कूलों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 मार्च को कहा कि अगले 2-3 सालों में भारत के सभी हाई स्कूलों में ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन होगा। राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री ने बताया कि सभी प्रकार की शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं ताकि वे AI की जानकारी दे सकें।
60 प्रतिशत हाई स्कूल ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े
प्रधान ने कहा कि देश के लगभग 60 प्रतिशत हाई स्कूल ब्रॉडबैंड इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े हुए हैं। अगले 2-3 सालों तक देश के सभी हाई स्कूल ब्रॉडबैंड और इंटरनेट कनेक्शन से जुड़ जाएंगे। इसके अलावा AI की बेसिक यानी शुरुआती जानकारी तीसरी कक्षा से ही दी जाएगी। यही नहीं, लगभग सभी मातृभाषाओं में AI को शामिल किया गया है।

स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग
AI और CT क्यो हैं जरूरी
स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को बढ़ावा देने का उद्देश्य शिक्षण और सीखने की प्रक्रियाओं में तकनीक को शामिल करके शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना है। विस्तार से बताते हुए, मंत्री ने जानकारी दी कि NCERT की मौजूदा कंप्यूटर साइंस (कक्षा 11) और इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस (कक्षा 11) की कोर्सेज में AI, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और दूसरी जरूरी टेक्निक्स के बारे में बताया गया है।
