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माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या होता है और इसकी जरूरत कब पड़ती है, स्कूल-कॉलेज छोड़ने से जरूर ले लें ये डॉक्यूमेंट?

Migration Certificate kya Hota Hai: किसी दूसरे स्कूल या कॉलेज में एडमिशन लेते वक्त माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। हालांकि, कई छात्र और अभिभावक इसके महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं होते। ऐसे में एडमिशन के समय उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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माइग्रेशन सर्टिफिकेट क्या होता है, क्या है इसकी जरूरत?

What is a migration certificate and when is it required: स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद अधिकांश छात्र उच्च शिक्षा के लिए किसी दूसरे संस्थान, विश्वविद्यालय या बोर्ड में प्रवेश लेते हैं। किसी दूसरे स्कूल या कॉलेज में एडमिशन लेते वक्त माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत होती है। माइग्रेशन सर्टिफिकेट एक आधिकारिक दस्तावेज होता है, जिसे संबंधित स्कूल बोर्ड, विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान जारी करता है। यह प्रमाणित करता है कि छात्र ने उस संस्थान की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब वह किसी अन्य बोर्ड, विश्वविद्यालय या शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश लेने के लिए पात्र है। हालांकि, कई छात्र और अभिभावक इसके महत्व से पूरी तरह परिचित नहीं होते। ऐसे में एडमिशन के समय उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कब पड़ती है माइग्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत?

माइग्रेशन सर्टिफिकेट की आवश्यकता तब होती है, जब कोई छात्र एक शिक्षा बोर्ड या विश्वविद्यालय छोड़कर दूसरे बोर्ड या विश्वविद्यालय में प्रवेश लेना चाहता है। यदि कोई छात्र CBSE बोर्ड से 12वीं पास करने के बाद किसी राज्य विश्वविद्यालय या दूसरे विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, तो उससे माइग्रेशन सर्टिफिकेट मांगा जा सकता है। इसी तरह, स्नातक के बाद यदि कोई छात्र किसी दूसरे विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएशन या प्रोफेशनल कोर्स में दाखिला लेता है, तब भी माइग्रेशन जरूरी रूप से जमा करना होता है।

कैसे मिलता है माइग्रेशन सर्टिफिकेट?

अधिकांश बोर्ड और विश्वविद्यालय परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद माइग्रेशन सर्टिफिकेट खुद ही छात्रों को उपलब्ध करा देते हैं। वहीं कई संस्थान इसे मार्कशीट के साथ जारी करते हैं। कुछ जगहों पर छात्रों को अलग से माइग्रेशन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना पड़ता है। वर्तमान में कई बोर्ड और विश्वविद्यालय डिजिटल माध्यम से भी यह सुविधा प्रदान कर रहे हैं।

ट्रांसफर सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट में अंतर

ट्रांसफर सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट में अंतर

ट्रांसफर सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट में अंतर

अक्सर छात्र ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और माइग्रेशन सर्टिफिकेट को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग दस्तावेज हैं। ट्रांसफर सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि छात्र ने संबंधित स्कूल या कॉलेज छोड़ दिया है, जबकि माइग्रेशन सर्टिफिकेट यह दर्शाता है कि छात्र एक बोर्ड या विश्वविद्यालय से दूसरे बोर्ड या विश्वविद्यालय में स्थानांतरित हो सकता है।

लेना ना भूलें माइग्रेशन

माइग्रेशन जैसा छोटा सा दस्तावेज भविष्य में बड़े एडमिशन और करियर अवसरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। स्कूल या कॉलेज छोड़ते समय छात्रों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज, जैसे मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र और माइग्रेशन सर्टिफिकेट हासिल कर लेने चाहिए। माइग्रेशन सर्टिफिकेट ना होने पर या समय से जमा ना करने पर कई बार एडमिशन भी निरस्त हो सकता है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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