Delhi Building Survey: दिल्ली के सत्य निकेतन में हाल ही में हुए एक दर्दनाक इमारत हादसे के बाद MCD ने खतरनाक और अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सोमवार को एमसीडी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 40 जगहों पर तोड़फोड़ (Demolition) की और 8 संपत्तियों को सील कर दिया। अब MCD सर्वे में ऐसी इमारतों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, जो देखने में ही बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में हैं। जरूरत पड़ने पर इन इमारतों को गिराया जाएगा।
MCD अधिकारियों के मुताबिक, खतरनाक इमारत के मालिक को पहले खुद इमारत गिराने का अवसर दिया जाएगा। अगर मालिक ऐसा नहीं करता है तो MCD अपने स्तर पर उन अवैध या खतरनाक इमारतों को गिराने की कार्रवाई करेगी। एमसीडी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक शहर में पीजी के रूप में चल रही 2,453 इमारतों की पहचान की गई है, जिनमें से 4 इमारतें खतरनाक हालत में पाई गई हैं। करीब 25 इमारतों को भारी मरम्मत की जरूरत है, जबकि 138 से अधिक इमारतों में मामूली मरम्मत की जरूरत बताई गई है। जिन इमारतों में ज्यादा मरम्मत की जरूरत है, उनके मालिकों को अपनी इमारत की मजबूती का 'स्ट्रक्चरल ऑडिट' कराकर उसकी रिपोर्ट एमसीडी के पास जमा करनी होगी। वहीं जो इमारत खतरनाक हालत में पाई गईं, उन्हें किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी।
कहां-कहां चली एमसीडी की कार्रवाई?
MCD ने सोमवार को दिल्ली के सभी 12 जोन में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान 40 जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई और 8 संपत्तियों को सील किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान के दौरान 14 डिमोलिशन ऑर्डर भी जारी किए गए। MCD के अनुसार, पांडव नगर के टीसी कैंप, ईस्ट पटेल नगर, करोल बाग के रेघड़पुरा, नेहरू नगर के माता रमेश्वरी और नारायणा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में प्रमुख कार्रवाई की गई। इसके अलावा ईस्ट विनोद नगर, मयूर विहार फेज-2, गांधी नगर के रघुबरपुरा और धरमपुरा में भी कार्रवाई हुई। उत्तर दिल्ली के मालका गंज में भी तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई।
PG इमारतों का सर्वे अभी जारी
एमसीडी ने इससे पहले रविवार को भी 11 जगहों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हुए 4 संपत्तियों को सील किया था। एमसीडी का यह सर्वे और सख्त कार्रवाई अभियान अभी पूरे शहर में लगातार जारी है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम लगाई जा सके और किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
