Rajasthan Urban Local Body Elections: राजस्थान में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनावों के नतीजों में युवा राजनीति की एक नई तस्वीर सामने आई है। राज्य के दो प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के 21-21 वर्षीय दो युवाओं (Gen-Z) ने पार्षद पद पर जीत दर्ज कर राजनीति में अपने सफर का आगाज किया है। इस चुनाव में भाजपा के 4,179 और कांग्रेस के 3,613 वार्ड के अलावा आरएलपी ने 63, आम आदमी पार्टी (आप) ने 42, माकपा ने 38, बसपा ने 19 और भारत आदिवासी पार्टी ने आठ वार्ड जीते। भाजपा ने जयपुर, उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा नगर निगमों में बहुमत का आंकड़ा पार किया, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर में बहुमत हासिल किया।
जयपुर से फैज हसन की जीत (कांग्रेस)
जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 71 से 21 वर्षीय कांग्रेस प्रत्याशी फैज हसन ने विजय हासिल की है। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार मोहम्मद सलीम को शिकस्त दी (जिन्हें 5,256 वोट मिले थे), जबकि भाजपा प्रत्याशी निशा गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं।
थानागाजी से नेहा शर्मा की जीत (भाजपा)
अलवर जिले की थानागाजी नगरपालिका से 21 वर्षीय भाजपा प्रत्याशी नेहा शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 101 वोटों से हराया। यह इस नगरपालिका में भाजपा प्रत्याशियों की सबसे बड़ी जीत की मार्जिन दर्ज की गई। राजनीति में आने से पहले नेहा शर्मा लगभग 4 वर्षों तक पत्रकार के रूप में जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग कर चुकी हैं। इस बड़ी जीत के बाद उन्हें थानागाजी नगरपालिका अध्यक्ष के पद के दावेदार के रूप में भी देखा जा रहा है।
राजस्थान में निकाय चुनावों के दौरान स्थानीय और जमीनी स्तर पर युवाओं तथा जन-मुद्दों की भूमिका अहम रही। इन चुनावों में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर 574 वार्डों की बढ़त बनाते हुए बड़ी जीत हासिल की। भाजपा ने 4,171 वार्डों पर जीत दर्ज की, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खाते में 3,597 वार्ड आए।
मुख्यमंत्री का बयान
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन नतीजों को ऐतिहासिक जीत करार देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के पिछले ढाई साल के विकास कार्यों और सुशासन पर जनता की मुहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस जनादेश को झूठ पर सच की जीत बताया। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुल वोट शेयर के मामले में भाजपा और कांग्रेस के बीच का अंतर 1 प्रतिशत से भी कम रहा है।
Gen-Z की बढ़ती भागीदारी
हाल के महीनों में राज्य में युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर कई आंदोलन देखे गए थे। इसी के प्रभाव को देखते हुए इस चुनाव में दोनों ही प्रमुख दलों ने बड़ी संख्या में युवाओं और 'Gen-Z' चेहरों पर दांव खेला था, जिसका नतीजा फैज हसन और नेहा शर्मा जैसे युवाओं की जीत के रूप में सामने आया।
