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क्या जुलाई में बदल सकते हैं स्कूल? जानें CBSE मिड-सेशन एडमिशन के लिए क्या हैं नियम

Kya July Mein school Badal sakte hein: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद कई अभिभावक और छात्र स्कूल बदलने की योजना बनाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या जुलाई महीने में CBSE स्कूल बदला जा सकता है?

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क्या जुलाई में बदल सकते हैं स्कूल?

What is CBSE Mid session Admission Rule: नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के बाद कई अभिभावक और छात्र स्कूल बदलने की योजना बनाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या जुलाई महीने में CBSE स्कूल बदला जा सकता है? 01 जुलाई से स्कूल खुलने जा रहे हैं, ऐसे में अगर आप अपने बच्चे का स्कूल किसी भी कारण से बदलवाना चाहते हैं तो नियमों को जान लेना जरूरी है। चलिए जान लेते हैं कि जुलाई में स्कूल बदलने के नियम क्या हैं? यदि आप जुलाई में अपने बच्चे का CBSE स्कूल बदलने की योजना बना रहे हैं, तो पहले संबंधित स्कूल से सीटों की उपलब्धता की जानकारी लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इससे मिड-सेशन एडमिशन की प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सकेगी।

बता दें कि जुलाई में स्कूल बदला जा सकता है। इसके लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना जरूरी होगा। CBSE के परीक्षा Bye-Laws के अनुसार, कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाओं में सीधे प्रवेश कुछ निर्धारित परिस्थितियों में ही दिया जा सकता है। यदि छात्र किसी अन्य CBSE स्कूल, राज्य बोर्ड या मान्यता प्राप्त बोर्ड से स्थानांतरण के कारण स्कूल बदल रहा है और उसके पास आवश्यक दस्तावेज हैं, तो जुलाई में भी प्रवेश संभव है।

ट्रांसफर के नियम क्या हैं

इसके अलावा, यदि किसी सरकारी कर्मचारी, रक्षा कर्मी या अन्य स्थानांतरण योग्य सेवा में कार्यरत अभिभावक का ट्रांसफर हो जाता है, तो ऐसे मामलों में CBSE ने विशेष प्रावधान भी किए हैं। कुछ परिस्थितियों में 15 जुलाई के बाद भी विषय परिवर्तन या प्रवेश से जुड़े मामलों पर बोर्ड अनुमति प्रदान कर सकता है।

31 अगस्त तक दाखिले

बोर्ड के नियमों के अनुसार, 31 अगस्त तक स्कूल छात्र को प्रवेश दे सकते हैं, बशर्ते प्रवेश CBSE के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हो। यदि किसी छात्र को 31 अगस्त के बाद प्रवेश देना हो, तो इसके लिए संबंधित स्कूल को CBSE के सक्षम प्राधिकारी से विशेष अनुमति लेनी होती है।

मिड-सेशन एडमिशन के दौरान छात्रों को सामान्यतः ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), पिछली कक्षा की मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट (यदि आवश्यक हो), जन्मतिथि प्रमाण और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। अंतिम निर्णय संबंधित स्कूल द्वारा सीटों की उपलब्धता और दस्तावेजों की जांच के आधार पर लिया जाता है।

यदि किसी कारणवश स्कूल बदलना आवश्यक हो तो अभिभावकों को जुलाई या अगस्त की शुरुआत में ही प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। इससे प्रवेश, दस्तावेजों के सत्यापन और बोर्ड पंजीकरण से जुड़ी किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता है। विशेष रूप से कक्षा 10 और 12 के विद्यार्थियों के लिए नियम अधिक महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये दोनों बोर्ड परीक्षा वाली कक्षाएं हैं। CBSE के अनुसार, इन कक्षाओं में प्रवेश और पंजीकरण समय-सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए ताकि छात्र का नाम बोर्ड की List of Candidates (LOC) में शामिल किया जा सके।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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