Can two Masters Degrees be Pursued Together? आज के समय में युवाओं के बीच ज्यादा से ज्यादा स्किल और डिग्री हासिल करने की होड़ लगी हुई है। बेहतरीन करियर और समय से पहले सब कुछ सीखने की इच्छा ही उन्हें सबसे अलग बना रही है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कई छात्र एक ही समय में दो अलग-अलग विषयों में महारत हासिल करना चाहते हैं—जैसे कोई इतिहास के साथ-साथ मास कम्युनिकेशन करना चाहता है तो कोई हिस्ट्री के साथ पॉलिटिकल साइंस भी पढ़ना चाहता है। ऐसी स्थिति में छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि "क्या एक साथ दो मास्टर डिग्री करना कानूनी रूप से वैध है?" अगर यह सवाल आपको भी उलझन में डाल रहा है तो आइए आपको विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के तहत बताएं कि यह वैध है या नहीं।
दो मास्टर डिग्री को लेकर क्या कहता है UGC का नियम
भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला और रोजगार नियोजन बनाने के लिए यूजीसी ने 2022 में एक ऐतिहासिक फैसला लिया था। इस फैसले के अनुसार, कोई भी छात्र एक ही शैक्षणिक सत्र में एक साथ दो फुल-टाइम (Regular) डिग्री कोर्स की पढ़ाई कर सकता है। इसका अर्थ यह है कि छात्र एक साथ दो मास्टर डिग्री भी कर सकते हैं।
पहले क्या था नियम
बता दें कि 2022 से पहले दो डिग्री एक साथ करने का नियम नहीं था। एक छात्र एक डिग्री और एक डिप्लोमा कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स एक साथ कर सकता था। लेकिन उसमें शर्त यह होती थी कि एक कोर्स ऑनलाइन, पार्ट टाइम या डिस्टेंस हो। लेकिन फिर इन नियम में बदलाव किया गया और एक साथ दो डिग्री करने के नियम को छात्रों की आवश्यकता को समझते हुए लागू किया गया।
एक साथ दो मास्टर डिग्री करने के 3 ऑप्शन
UGC के नियमों के अनुसार, छात्र के पास एक साथ दो मास्टर डिग्री करने के तीन अलग-अलग तरीकों हैं। जो इस प्रकार है -
1. दोनों कोर्सेज रेगुलर: आप दो अलग-अलग कॉलेजों या एक ही यूनिवर्सिटी से दोनों मास्टर डिग्री रेगुलर मोड में कर सकते हैं।
2. एक रेगुलर और एक ऑनलाइन/डिस्टेंस: आप एक कॉलेज से रेगुलर मास्टर डिग्री कर सकते हैं और साथ ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से ऑनलाइन या ओपन/डिस्टेंस लर्निंग (ODL) के जरिए दूसरी मास्टर डिग्री कर सकते हैं।
3. दोनों कोर्सेज ऑनलाइन/डिस्टेंस: आप दोनों ही मास्टर डिग्री को पूरी तरह से ऑनलाइन या डिस्टेंस मोड में अलग-अलग संस्थानों से एक साथ कर सकते हैं।
दो डिग्री एक साथ करने की शर्तें
हालांकि सरकार ने दो रेगुलर मास्टर डिग्री की अनुमति दे दी है, लेकिन इसके साथ एक बेहद जरूरी शर्त जोड़ी गई है। दोनों कोर्सेज की क्लास की टाइमिंग एक दूसरे से नहीं टकराने चाहिए। आसान भाषा में समझाएं तो यदि आपकी पहली मास्टर डिग्री की क्लास सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक चलती है, तो आपकी दूसरी मास्टर डिग्री की क्लास का समय इसके बाद (जैसे इवनिंग शिफ्ट) होना चाहिए। यदि दोनों कॉलेजों की टाइमिंग एक ही होगी, तो आपकी डिग्री अमान्य (Invalid) हो जाएगी। इसलिए, इस झंझट से बचने के लिए अधिकांश छात्र एक कोर्स रेगुलर और दूसरा ऑनलाइन मोड से चुनते हैं।
दो मास्टर डिग्री एक साथ करने के फायदे
एक साथ दो मास्टर डिग्री करने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप एक साथ दो अलग-अलग क्षेत्रों की पढ़ाई कर सकते हैं, जिससे आपके लिए नौकरी के अवसर दोगुने हो जाते हैं। इसके साथ ही आपको एक समय पर दो विषयों की महारत होती है। एक साथ दो डिग्री करने से समय भी बचता है जो आज के समय में जरूरी है।
