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झारखंड PSC पेपर लीक में एक्शन, दो और गिरफ्तारियां; अबतक सलाखों के पीछे पहुंचे 10 आरोपी

झारखंड पीएससी परीक्षा धांधली मामले में दो और गिरफ्तारियों के साथ कुल संख्या 10 हुई। नीट पेपर लीक के बीच बढ़ती इन घटनाओं ने देश की परीक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली की जांच कर रही सीआईडी (CID) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले में शनिवार को दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद अब इस घोटाले में कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा 10 तक पहुँच गया है। पकड़े गए आरोपियों में जेपीएससी का एक कर्मचारी सोनू कुमार और मुख्य आरोपी अभय तिवारी का करीबी सहयोगी अरविंद कुमार शामिल हैं। यह कार्रवाई रांची के विभिन्न होटलों में हुई ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद की गई है, जिसमें इससे पहले भी कई संदिग्धों को दबोचा गया था।

जेपीएससी परीक्षा में अनियमितताएं

जेपीएससी परीक्षा में हुई यह अनियमितताएं ऐसे समय पर सामने आई हैं जब पूरा देश नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक विवाद से जूझ रहा है। एक तरफ जहाँ नीट मामले में छात्रों के आंदोलन और भारी विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ राज्यों में भी हो रही ऐसी घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि क्या हमारी पूरी परीक्षा प्रणाली ही 'परीक्षा माफियाओं' के चंगुल में फंसी है। नीट मामले में छात्रों की जीत ने यह साबित कर दिया है कि यदि युवा एकजुट हों, तो सत्ता को भी जवाबदेह बनाया जा सकता है।

जानकारों का मानना है कि झारखंड का यह मामला और नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं देश की पूरी प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था पर एक बड़ा कलंक हैं। जिस तरह से जेपीएससी के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों की इसमें संलिप्तता सामने आ रही है, वह प्रशासन के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार की गहराई को दर्शाता है। फिलहाल सीआईडी की टीम इन गिरफ्तारियों के जरिए मामले की जड़ तक पहुँचने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले छात्रों के भविष्य और उनकी मेधा के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ एक कठोर कानून की मांग को और तेज कर रहे हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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