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Karnataka News: कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में AI की पढ़ाई, छठी कक्षा से मिलेगी नई टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों और टेक्नोलॉजी की दुनिया तक सीमित नहीं रहने वाला है। कर्नाटक सरकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को कम उम्र से ही AI की जानकारी देने की तैयारी कर रही है।

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कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में AI की ट्रेनिंग

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों और टेक्नोलॉजी की दुनिया तक सीमित नहीं रहने वाला है। कर्नाटक सरकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को कम उम्र से ही AI की जानकारी देने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को छठी कक्षा से ही सरकारी स्कूलों में AI ट्रेनिंग शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। कर्नाटक सरकार का यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब स्कूलों में AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को लेकर देशभर में चर्चा बढ़ रही है। केंद्र सरकार ने भी स्कूल शिक्षा में AI और कंप्यूटेशनल थिंकिंग को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की है। ऐसे में आने वाले समय में छात्रों के लिए AI केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि उनकी पढ़ाई और करियर का अहम हिस्सा बन सकता है।

यह पहली बार नहीं है जब कर्नाटक सरकार ने स्कूल स्तर पर AI को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अगस्त 2026 में मुख्यमंत्री ने ‘AI Akshara Abhiyana’ और ‘Coding Gurukula’ कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य छात्रों को AI और कोडिंग जैसी तकनीकी क्षमताओं से परिचित कराना और उन्हें भविष्य की बदलती रोजगार दुनिया के लिए तैयार करना है। इस पहल में Google की भी दिलचस्पी सामने आई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, Google ने सरकारी स्कूलों में AI ट्रेनिंग उपलब्ध कराने में रुचि दिखाई है। अधिकारियों को तेलंगाना में कंपनी की ओर से चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रमों का अध्ययन करने को कहा गया है, ताकि कर्नाटक के लिए भी प्रभावी मॉडल तैयार किया जा सके।

AI को लेकर सरकार गंभीर

दरअसल, कर्नाटक के सरकारी स्कूलों में फिलहाल नौवीं कक्षा के छात्रों के लिए AI ट्रेनिंग शुरू हो चुकी है। अब सरकार इस दायरे को बढ़ाकर छठी कक्षा तक ले जाना चाहती है। इसके लिए राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ-साथ निजी कंपनियों की मदद लेने पर भी विचार किया जा रहा है। सरकार AI के साथ-साथ राज्य में एक AI यूनिवर्सिटी स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके लिए जमीन की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में 956 शिक्षकों की आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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