Kakori Kand Speech, Essay In Hindi (काकोरी कांड पर भाषण): आजादी के 77 वर्ष पूर्ण होने पर देश इस बार 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रत्येक हिंदुस्तानी इस दिन को हर्षोल्लास के साथ (Kakori Kand Speech) मनाता है। देश को अंग्रेजों की चंगुल से आजाद करवाने के लिए ना जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की (Kakori Kand Speech In Hindi) आहुति दी। अंग्रेजी शासन काल के काले दौर में स्वतंत्रता को लेकर कई ऐसी घटनाएं हुई, जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई, उन्हीं में से एक है (Kakori Kand Bhashan) काकोरी कांड। वर्ष 1920 में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के खिलाफ असहयोग आंदोलन शुरू किया था।
Kakori Kand Speech In Hindi: काकोरी कांड की पूरी कहानी
यह आंदोलन जब अपने चरम पर था तब चौरी चौरा कांड (Kakori Kand Essay In Hindi) हुआ था। इस घटना से आहत महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन वापस ले लिया था। इस आंदोलन ने भारत के युवाओं को काफी प्रेरित किया था। युवाओं को इस आंदोलन में आजाद भारत का सपना दिखाई देने (Kakori Kand Nibandh) लगा था। क्योंकि यह पहली बार था जब अंग्रेजों के खिलाफ आजादी के लिए पूरा देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा था। लेकिन जब इस आंदोलन को वापस ले लिया गया तो युवा बेहद निराश हो गए। इसके बाद कुछ युवा क्रांतिकारियों ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाया, जिसमें यह तय हुआ कि अब अंग्रेजों के खिलाफ हथियार उठाने का समय आ गया है। हालांकि इसके लिए पैसों का इंतजाम करना सबसे अहम था। ऐसे में क्रांतिकारियों ने सहानपुर से लखनऊ के लिए निकली पैसेंजर ट्रेन को काकोरी रेलवे स्टेशन पर लूट लिया, इसमें अंग्रेजों के खजाने रखे हुए थे। अंग्रेजों के खिलाफ अब तक का यह सबसे क्रांतिकारी कदम था। इसे काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है।इस खास मौके पर स्कूल, कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों व सामाजिक स्थलों पर देशभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही इस दिन के महत्व व इतिहास का जिक्र करने के लिए भाषण व निबंध प्रतियोगित का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए काकोरी कांड पर अब तक का सबसे दमदार भाषण लेकर आए हैं। कुछ इस तरह आप अपने भाषण की शुरुआत कर लोगों को अपना मुरीद बना सकते हैं।
