JEE Main 2023 Eligibility Criteria: जेईई मेन 2023 पात्रता मानदंड (JEE Main 2023 Eligibility Criteria) पर बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) आज यानी बुधवार (3 मई) को फैसला सुनाएगा। बॉम्बे हाई कोर्ट ने मंगलवार को जेईई मेन (JEE Main 2023) 75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर बुधवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति एस वी मार्ने की पीठ फैसला सुनाएगी।
जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड 2023 पात्रता मानदंड (JEE Main 2023 Eligibility) उम्मीदवारों को आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और सीएफटी में प्रवेश पाने के लिए 12वीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य बनाते हैं। छात्रों ने पात्रता मानदंड को ये कहते हुए चुनौती दी है कि अगर वे जेईई मेन में उच्च अंक प्राप्त करते हैं और बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो उन्हें उचित अवसर से वंचित कर दिया जाएगा।
75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को हटाने पर छात्रों को मिलेगा फायदा
गौरतलब है कि ये पात्रता मानदंड पहले भी था, लेकिन कोविड में इसे अस्थायी रूप से हटा दिया गया था। अगर बॉम्बे हाई कोर्ट के आज के फैसले ने जेईई मेन के 75 प्रतिशत पात्रता मानदंड को हटा दिया, तो इससे छात्रों को लाभ होगा क्योंकि उन्हें जेईई मेन के अंकों के आधार पर ही प्रवेश मिलेगा।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने एक हलफनामा दायर किया और एनआईटी, आईआईआईटी, सीएफटीआई/जीएफटीआई में प्रवेश के लिए बोर्ड में न्यूनतम 75 प्रतिशत की पात्रता मानदंड का उल्लेख किया और कहा कि ये एक अच्छा और सुविचारित निर्णय है। हालांकि एनटीए ने जेईई एडवांस्ड 2023 पात्रता मानदंड पर कोई टिप्पणी नहीं की, क्योंकि वह इसके लिए जिम्मेदार प्राधिकारी नहीं है।
वकील अनुभा श्रीवास्तव सहाय की ओर से दायर याचिका पर 24 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति संदीप वी मार्ने की पीठ ने सुनवाई की थी। फैसला आज सुनाया जाएगा और जेईई मेन्स 2023 के नतीजे घोषित होने के साथ ही छात्रों की निगाहें प्रवेश प्रक्रिया के लिए स्पष्टता पाने के लिए फैसले पर टिकी हैं। जेईई एडवांस परीक्षा समाप्त होने और परिणाम घोषित होने के बाद जेईई मेन और जेईई एडवांस 2023 के माध्यम से प्रवेश काउंसलिंग के माध्यम से आयोजित किया जाएगा।
