Krishna Janmashtami 2024 School Closed: कृष्ण जन्माष्टमी 26 अगस्त को भारतभर में मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु ने कृष्ण अवतार लेकर धरती पर जन्म लिया था। यही वजह है कि हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष स्थान है। देश ही नहीं दुनियाभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम रहती है। (Krishna Janmashtami 2024 School Holiday) ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि कृष्ण जन्माष्टमी पर स्कूल बंद या नहीं (Janmashtami 2024 School Holiday or not)। क्या है स्कूल में छुट्टी को लेकर स्टेटस
कृष्ण जन्माष्टमी कब है? Krishna Janmashtami 2024 kab hai
जन्माष्टमी 2024 पूरे भारत में 26 अगस्त को मनाई जाएगी। इस अवसर पर कई क्षेत्रों में स्कूल, कॉलेज और बैंक बंद रहते हैं। उत्तर प्रदेश में इस त्यौहार का विशेष महत्व है, खासकर मथुरा, कृष्ण की जन्मस्थली और वृंदावन में, जहां भगवान कृष्ण ने अपना बचपन बिताया। इसलिए उत्तर प्रदेश में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर स्कूलों में छुट्टियां कर दी जाती हैं। यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में भी यह त्यौहार प्रमुखता से मनाया जाता है, वहीं कुछ ऐसे भी राज्य हैं जहां इस त्योहार पर School Closed नहीं होता है। इसलिए, छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे 26 अगस्त, 2024 को छुट्टी के बारे में अपने शैक्षणिक संस्थानों से पुष्टि जरूर कर लें।
नीचे उन राज्यों की सूची दी गई है जहां स्कूलों ने कृष्ण जन्माष्टमी के लिए छुट्टी घोषित की है:-
- अहमदाबाद
- चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश)
- चेन्नई
- भुवनेश्वर
- देहरादून
- गंगटोक
- हैदराबाद
- जयपुर
- जम्मू
- श्रीनगर
- कानपुर
- लखनऊ
- कोलकाता
- पटना
- रायपुर
- रांची
- शिलांग
- शिमला।
आपके शहर या क्षेत्र में जन्माष्टमी पर स्कूलों में छुट्टी है नहीं, इसके लिए आप अपने शैक्षणिक संस्थान में कॉल करके पता जरूर करें।
कृष्ण जन्माष्टमी क्यों मनाई जाती है? krishna janmashtami kyu manaya jata hai
स्कूली छात्रों को इस दिन के बारे में जरूर पता होना चाहिए, जन्माष्टमी भगवान कृष्ण के जन्म के उपलक्ष्य में मनाई जाती हैं। भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष के दौरान इस त्योहार को मनायाा जाता है।
कृष्ण जन्माष्टमी कैसे मनाई जाती है?, krishna janmashtami kaise manae jaati hai
स्कूलों में जन्माष्टमी समारोह छात्रों के लिए एक शानदार अवसर है। सांस्कृतिक प्रदर्शन, सजावट और ड्रेस-अप के माध्यम से, छात्र कृष्ण के जीवन को दर्शाते हैं। भक्ति गीत, कहानी सुनाना और रचनात्मक शिल्प जैसी गतिविधियां त्योहार से गहरा जुड़ाव पैदा करती हैं। बड़े छात्र हांडी प्रतियोगिता में भाग लेना का मजा लेते हैं।
