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Indias Most Expensive Degree: भारत की सबसे महंगी डिग्री, पाने के लिए लगते हैं 1.4 करोड़ रुपये, जानें किस कॉलेज में लेना होता है एडमिशन

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Aug 15, 2023, 10:51 AM IST

Indias Most Expensive Degree: भारत में मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होड़ मची रहती है, लेकिन एक ऐसा भी कोर्स है, जिसकी फीस सुनने के बाद आप इन कोर्स में एडमिशन का इरादा बदल सकते हैं।

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भारत की सबसे महंगी डिग्री (image - canva)

Indias Most Expensive Degree: भारत में मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन पाना आसान नहीं है, पहले एकेडमिक लेवल पर अच्छे नंबर लाओ, इसके बाद एंट्रेस में टॉप करो और फिर भारी फीस का भुगतान, यह सब करने के बाद ही आप मेडिकल ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई जारी रख सकते हैं। देश में कई कालॅजों में फीस आपने लाखों तक में सुनी होगी, लेकिन क्या आपको मेडिकल क्षेत्र में भारत की सबसे महंगी डिग्री के बारे में पता है? इस पूरा करने के लिए आपको 1.4 करोड़ रुपये भरने होंगे, आइए जानें कोर्स का नाम व इसे करने के लिए कहां लेना होता है एडमिशन।

कॉलेज का नाम

देश का सबसे महंगा मेडिकल कोर्स डी वाई पाटिल मेडिकल कॉलेज में होता है, जो कि नवी मुंबई में है। यहां से चुनिंदा लोग ही एमबीबीएस पूरा कर पाते हैं, हालांकि इस फीस में छात्रावास शुल्क भी शामिल है, डी वाई पाटिल 2.84 लाख रुपये का अतिरिक्त व एकमुश्त विश्वविद्यालय शुल्क भी लेता है, जिसका भुगतान प्रवेश के समय किया जाना चाहिए।

कितनी है फीस

इस डिग्री की कुल लागत की बात करें, तो 1.35-1.40 करोड़ रुपये है। हालांकि यह रकम एक साथ नहीं भरनी होती है, इस वार्षिक रूप से जमा करना होता है। एक साल में करीबन 30.5 लाख रुपये भरने की जरूरत होती है। यहा एमबीबीएस पूरा करने के लिए आपको साढ़े चाल साल देने होंगे।

अन्य कॉलेज भी वसूलते हैं महंगी फीस

अत्यधिक फीस वसूलने वाला डी वाई पाटिल मेडिकल कॉलेज देश का एकमात्र डीम्ड कॉलेज नहीं है। तमिलनाडु व अन्य राज्यों में ऐसे कई मेडिकल कॉलेज हैं, जहां 25 लाख रुपये से अधिक वार्षिक शुल्क लिया जाता है जैसे

  • चेन्नई के श्री रामचन्द्र मेडिकल कॉलेज की फीस 28.13 लाख रुपये है।
  • चेन्नई का एसआरएम मेडिकल कॉलेज 27.2 लाख रुपये वार्षिक फीस के साथ तमिलनाडु में दूसरे स्थान पर है।
हालांकि इस कुल शुल्क में वार्षिक ट्यूशन और छात्रावास खर्च शामिल हैं।

सरकारी कॉलेज में सवा से डेढ़ लाख का खर्चा

देश में जहां करोड़ो रुपये की फीस देनी होती है, वहीं महाराष्ट्र के एक सरकारी कॉलेज में मेडिकल डिग्री के लिए छात्रों को प्रति वर्ष 1.3 लाख रुपये का खर्च आता है। निजी कॉलेजों में, जहां फीस को शुल्क नियामक प्राधिकरण द्वारा नियंत्रित किया जाता है, वे आवास और जमा जैसे अन्य शुल्कों को छोड़कर, प्रति वर्ष 7 लाख रुपये से 16 लाख रुपये तक चार्ज कर सकते हैं।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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