IIM Nagpur: तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में प्रबंधन शिक्षा भी नए स्वरूप में ढल रही है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) नागपुर ने 'स्ट्रैटेजिक रोडमैप 2026-31' पेश किया है। इसका मकसद एक ऐसा संस्थान बनना है, जिसे दुनिया भर में सम्मान मिले और जिसके कई कैंपस हों। यह संस्थान एग्जीक्यूटिव एजुकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारत-केंद्रित रिसर्च, एनर्जी और क्लाइमेट लीडरशिप, एंटरप्रेन्योरशिप और क्षेत्रीय विकास पर खास जोर देगा।
सोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान रोडमैप के बारे में बताते हुए, भीमराय मेट्री - जिन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए डायरेक्टर के तौर पर फिर से नियुक्त किया गया है, ने कहा कि अगले पांच साल संस्थान को तेजी से विकास से आगे ले जाकर राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर बड़ा असर डालने की ओर ले जाएंगे।
मेट्री ने कहा, हमारा अगला चरण मकसद के साथ बड़े पैमाने पर काम करने का है। हम चाहते हैं कि IIM नागपुर को दुनिया भर में सम्मान मिले, यह भारत की प्राथमिकताओं से गहराई से जुड़ा हो और शिक्षा, रिसर्च, इनोवेशन और लीडरशिप के जरिए सार्थक असर डालने में सक्षम हो।
संस्थान की मल्टी-कैंपस रणनीति में गोवा में विस्तार और विदेशी यूनिवर्सिटीज के साथ इंटरनेशनल सहयोग शामिल है। साथ ही यह बिना सीमाओं वाली लर्निंग, जॉइंट रिसर्च और फैकल्टी व स्टूडेंट एक्सचेंज को भी बढ़ावा देगा।
दुनिया के टॉप 100 बिजनेस स्कूलों में अपनी जगह बनाना
IIM नागपुर का मकसद एग्जीक्यूटिव एजुकेशन में भारत के टॉप 3 संस्थानों में जगह बनाना भी है। इसके लिए वह फ्लेक्सिबल और जीवन भर चलने वाली लर्निंग का एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना चाहता है, जो ग्लोबल स्टैंडर्ड का हो और इंडस्ट्री से जुड़ा हो। एक और अहम पहलू AI-आधारित मैनेजमेंट एजुकेशन है, जिसे एआई इंटीग्रेटेड पढ़ाने के तरीकों, भविष्य के लिए तैयार प्रोग्राम्स और MARVEL AI R&D सेंटर के जरिए आगे बढ़ाया जाएगा। संस्थान दुनिया के टॉप 100 और एशिया के टॉप 10 बिजनेस स्कूलों में भी अपनी जगह बनाना चाहता है।
एनर्जी और क्लाइमेट लीडरशिप एक और प्राथमिकता है। इसके तहत NPTI के साथ एनर्जी मैनेजमेंट में एग्जीक्यूटिव एमबीए, ओएनजीसी ग्रीन लिमिटेड के साथ जुड़ाव और NRDC के साथ हीट रेजिलिएंस और सस्टेनेबल कूलिंग के लिए प्रस्तावित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसे काम किए जाएंगे। संस्थान कैंपस डेवलपमेंट के दूसरे चरण, अपने नेट-जीरो विजन और पहले से शुरू हो चुके सोलर पावर प्रोजेक्ट को भी आगे बढ़ाएगा।
मेट्री ने कहा, हमारी जिम्मेदारी क्लासरूम से कहीं ज्यादा है। आईआईएम नागपुर को नौकरी देने, क्षेत्रीय बदलाव, स्वच्छ ऊर्जा, पब्लिक पॉलिसी, एंटरप्रेन्योरशिप और विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में योगदान देना चाहिए।
1 रुपये लीज पर जमीन
आईआईएम नागपुर पुणे के मोशी में 70 एकड़ के पूरे कैंपस के साथ बड़े विस्तार के लिए तैयार है। प्रोफेसर मेट्री ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने 1 रुपये के लीज पर जमीन दी है, जबकि इसकी बाजार कीमत 180 करोड़ से ज्यादा आंकी गई है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। मेट्री ने कहा, कई IIM के छोटे सैटेलाइट या एक्सटेंशन सेंटर हैं, लेकिन पुणे के लिए हमारा विजन बिल्कुल अलग है।
AI और IT मैनेजमेंट पर फोकस
पुणे कैंपस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्री 4.0, डिजिटल टेक्नोलॉजी, AI और IT मैनेजमेंट पर फोकस करेगा। प्रस्तावित प्रोग्राम्स में एक इंटीग्रेटेड BBA-MBA प्रोग्राम और प्रमुख IITs के साथ मिलकर पांच साल का BTech-MBA प्रोग्राम शामिल है।
मेट्री ने कहा, पुणे हमें मैनेजमेंट एजुकेशन के बारे में नए सिरे से सोचने और ऐसे लीडर्स तैयार करने का एक खास मौका देता है जो टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और इंडस्ट्री को एक साथ मिलकर काम करने वाली चीज़ के तौर पर समझते हों।
इनपुट- ANI
