India G20 and UNSC Presidency: दिसंबर 2022 की शुरुआत में भारत ने दो बड़ी वैश्विक संस्था जी 20 (G20) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता ग्रहण कर ली है। भारत सरकार ने इस पर कहा कि जी20 की अध्यक्षता वसुधैव कुटुंबकम (दुनिया एक परिवार) के दृष्टिकोण पर आधारित है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के जरिए आतंकवाद के मुकाबले में प्राथमिकता लाना और बहुपक्षवाद में सुधार करना है। गौरतलब है कि ये दोनों ही पद रोटेशन प्रणाली पर आधारित है। बारी-बारी से ये पद हर एक सदस्य को मिलता है। जानिए कैसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष देश चुना जाता है। साथ ही क्या है जी20 देशों की अध्यक्षता का महत्व।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक सभी 15 देशों को बारी-बारी से एक महीने के लिए अध्यक्षता मिलती है। ये अंग्रेजी के वर्णमाला क्रम पर आधारित होती है। इससे पहले भारत अगस्त 2021 में परिषद का अध्यक्ष बना था। इस महीने भारत ब्रीफिंग, परामर्श और रिपोर्ट्स के आधार पर सीरिया, लीबिया, मध्य पूर्व, कोलंबिया, दक्षिण सूडान, कांगो देशों में होने वाले वैश्विक घटानक्रमों पर अपनी राय रखेगा। भारत के विदेश मंत्री एस.जयशंकर 14 और 15 दिसंबर को अमेरिका के न्यूयॉर्क में इन सिग्नेचर इवेंट्स में हिस्सा लेने के लिए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज परिषद की अध्यक्षता करेंगी।
क्या है जी 20 (What is G20)
G20 यानी ग्रुप ऑफ 20। ये दुनिया की विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर सरकारी मंच है। जी 20 के सदस्य देश अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ हैं। इसकी शुरुआत 90 के दशक में दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में आए आर्थिक संकट के बाद हुई थी। जी 20 में शामिल देश वैश्विक जीडीपी का 80 फीसदी हिस्सा है। इसके अलावा 75 फीसदी वैश्विक व्यापारी में 75 फीसदी हिस्सेदारी है। साथ ही इन देशों का वैश्विक जनसंख्या में 60 फीसदी योगदान है।
जी20 में भारत की अध्यक्षता का महत्व
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने 16 नवंबर 2022 को बाली में हुए अधिवेशन में भारत को आधिकारिक तौर पर जी20 की अध्यक्षता सौंपी थी। भारत को ये अध्यक्षता उस समय मिली है जब कोविड महामारी से प्रभावित वैश्विकता अर्थव्यवस्था की हालत में सुधार को लेकर कई तरह की अनिश्चितता हैं। साल 2023 में भारत 50 से ज्यादा शहरों में 200 से अधिक बैठक आयोजित करेगा। इनमें अधिकारी, सिविल सोसाइटी शामिल होंगे।
सितंबर 2023 में नई दिल्ली में मीटिंग होगी, जिसे जी20 देशों के 30 राष्ट्राध्यक्ष और आमंत्रित सदस्य शामिल होंगे। भारत ने बतौर अतिथि देश यूएई, बांग्लादेश, मॉरिशियस, मिस्त्र, नाइजीरिया, ओमान, सिंगापुर, स्पेन और नीदरलैंड को भी आमंत्रित किया है।
