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पिता मनरेगा मजूदर और बेटा बन गया IAS, पढ़ाने के लिए मां ने बेचे थे गहने

IAS Pawan Kumar UPSC success story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाले अभ्यर्थी आईएएस बनते हैं। हर साल लाखों की संख्या में IAS बनने का सपना लिए छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं। हालांकि बहुत कम अभ्यर्थी इसमें पास हो पाते हैं। बुलंदशहर जिले के रघुनाथपुर गांव के रहने वाले पवन कुमार की आईएएस बनने की कहानी काफी मार्मिक और प्रेरणादायी है।

IAS Pawan Kumar Inspirational story: आईएएस पवन कुमार

IAS Pawan Kumar Inspirational story: आईएएस पवन कुमार

IAS Pawan kumar upsc success story: पूत के पांव पालने में नजर आ जाते हैं...। इस कथन को सत्य साबित कर दिया पवन कुमार ने। बुलंदशहर जिले के रघुनाथपुर गांव के मनरेगा मजदूर मुकेश कुमार मजदूरी करके किसी तरह से परिवार पालते हैं। घर की माली हालत बहुत खराब है। जिस समय यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आया था तो उनके गांव के घर की तस्वीरें भी आई थीं। उनका घर ऐसा है कि छप्पर डला है और दीवारें भी काफी हद तक कच्ची हैं। इस परिवार के बेटे पवन कुछ कर गुजरना चाहते थे। पवन के अंदर पढ़ाई की ललक को देखते हुए पिता के साथ ही बहनों ने भी मजदूरी करके पैसे जोड़े और पवन की कोचिंग का खर्च निकाला। मां ने भी अपने जो थोड़े बहुत गहने थे, वो बेच दिए।

मनरेगा मजदूर का बेटा आईएएस

बुलंदशहर जिले के रघुनाथपुर गांव के रहने वाले पवन कुमार के पिता मुकेश मनरेगा में मजदूरी करते हैं। घर में किसी तरह से एक दीवार खड़ी है, जिसका प्लास्टर उखड़ चुका है। सिर ढकने के लिए छत की बजाय तिरपाल और पॉलिथिन का सहारा लिया जाता है। बेहद गरीबी और संसाधानों के अभाव में पले बढ़े पवन कुमार की आईएएस बनने की कहानी काफी मार्मिक और प्रेरणादायी है। संसाधनों के अभाव में जीवन जीने वाले पवन कुमार ने आईएएस बनकर इतिहास रच दिया है।

आईएएस पवन कुमार का परिवार

आईएएस पवन कुमार का परिवार

IAS Pawan Kumar Education: आईएएस पवन कुमार एजुकेशन

बता दें कि पवन कुमार ने बुलंदशहर के नवोदय विद्यालय से पढ़ाई की और उसके बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पूरी की। पवन ने जेएनयू में एमए के लिए एडमिशन लिया लेकिन एक साल बाद ही छोड़ दिया। 2022 में सिर्फ 1 नंबर कम रह जाने से पवन का चयन नहीं हुआ था। गरीबी भी पवन कुमार का हौसला नहीं तोड़ पाई और उन्होंने आईएएस बनकर इतिहास रच दिया।

आईएएस पवन कुमार

आईएएस पवन कुमार

IAS Pawan Kumar UPSC Rank: आईएएस पवन कुमार यूपीएससी रैंक

पवन के पिता ने उन्हें 3200 रुपये में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदकर दिया और कोचिंग के लिए भेजा। पवन ने दिल्ली एक कोचिंग सेंटर में सिविल सर्विस की तैयारी शुरू कर दी। दो साल तक कोचिंग के बाद अधिकतर समय उन्होंने सेल्फ स्टडी की। पवन कुमार को अपने दो प्रयासों में असफलता मिली। हालांकि वह लगे रहे क्योंकि उनके पास वापस लौटने का विकल्प ही नहीं था। कड़ी मेहनत और लगन के बल पर उन्हें तीसरे प्रयास में सफलता मिली। पवन ने यूपीएससी के साल 2023 के परीक्षा के नतीजे में 239वीं रैंक हासिल की।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघव author

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर... और देखें

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