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पिता स्टेशन मास्टर और बेटी बनी कलेक्टर, यूपीएससी में 50वीं रैंक लाकर गाड़ा था झंडा

IAS Kavita Meena Motivational Inspirational story: राजस्थान के दौसा की रहने वाली कविता मीणा ने साल 2015 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। उन्होंने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना साकार किया।

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आईएएस कविता मीणा

IAS Kavita Meena Motivational Inspirational story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए आईएएस अधिकारी कविता मीणा की कहानी प्रेरणा से भरी है। राजस्थान के दौसा की रहने वाली कविता मीणा ने साल 2015 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। उन्होंने ऑल इंडिया 50वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना साकार किया।

एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली कविता आज प्रशासनिक सेवा में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनकी सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत के साथ-साथ पिता का त्याग और परिवार का मजबूत सहयोग भी रहा। सफलता के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।

कविता मीणा के पिता रेलवे में स्टेशन मास्टर थे। बेटी को IAS अधिकारी बनाने का उनका सपना इतना बड़ा था कि उन्होंने कविता की तैयारी में पूरा सहयोग देने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तक ले ली। पिता के इस त्याग और विश्वास ने कविता को अपने लक्ष्य के लिए और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा दी। कविता ने भी अपने पिता के सपने को अधूरा नहीं रहने दिया। पूरी लगन और मेहनत के साथ तैयारी की और पहले ही प्रयास में देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल UPSC को क्रैक कर दिया।

कविता मीणा की कहानी बताती है कि सफलता केवल बड़े संसाधनों से नहीं मिलती। परिवार का विश्वास, सही दिशा में मेहनत और अपने लक्ष्य के प्रति मजबूत इरादा किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकता है। अपनी ट्रेनिंग पीरियड के दौरान उनका यूपी के रहने वाले बैचमेट IAS अनुपम मिश्रा से मिलना हुआ। उनकी यह मुलाकात बेहद खास बन गई और उन्होंने ट्रेनिंग पीरियड में ही लव मैरिज कर ली। कविता के पति अनुपम मिश्रा भी 2016 बैच के IAS है, जो केरल कैडर में कार्यरत हैं।

आज कविता मीणा उत्तर प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी हैं और हापुड़ जिले की जिलाधिकारी हैं। हापुड़ में बाढ़ प्रभावित लोगों से संवेदनशीलता के साथ बातचीत करने का उनका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा था। संकट में लोगों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने के अंदाज ने उन्हें लोगों के बीच अलग पहचान दिलाई।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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