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जॉर्जिया में बना इतिहास, किइशा लांस बॉटम्स बनीं अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर, 20 करोड़ डॉलर वाले रिपब्लिकन उम्मीदवार को हराया

यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन ने अपने निजी फंड से चुनाव में 200 मिलियन डॉलर (करीब 20 करोड़ डॉलर) से अधिक का भारी-भरकम खर्च किया था।

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कीशा लांस बॉटम्स की ऐतिहासिक जीत

US midterm Election Results: अमेरिका के महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट जॉर्जिया में हुए चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और अटलांटा की पूर्व मेयर किइशा लांस बॉटम्स (Keisha Lance Bottoms) ने इतिहास रच दिया है। मंगलवार को आए नतीजों के अनुसार, उन्होंने रिपब्लिकन अरबपति कारोबारी रिक जैक्सन (Rick Jackson) को हराकर जॉर्जिया के गवर्नर पद पर शानदार जीत हासिल की है। इसके साथ ही किइशा लांस बॉटम्स संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में गवर्नर के रूप में चुनी जाने वाली पहली अश्वेत महिला बन गई हैं। साथ ही, 1998 के बाद जॉर्जिया में गवर्नर चुनाव जीतने वाली वह पहली डेमोक्रेट नेता भी हैं।

रिकॉर्ड फंडिंग को पछाड़ा

यह जीत इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन ने अपने निजी फंड से चुनाव में 200 मिलियन डॉलर (करीब 20 करोड़ डॉलर) से अधिक का भारी-भरकम खर्च किया था। इसके बावजूद, वित्तीय अंतर को दरकिनार करते हुए बॉटम्स ने जनता के समर्थन से यह बाजी पलट दी।

जीत के बाद अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए बॉटम्स ने कहा, चाहे आपने किसी को भी वोट दिया हो, मैं पूरे जॉर्जिया की गवर्नर बनूंगी। उन्होंने आगे कहा, छोटे और बड़े दोनों तरीकों से आपने यह साबित कर दिया है कि जनता की ताकत के आगे कभी भी, कोई भी पैसा नहीं टिक सकता।

जॉर्जिया की बदलती राजनीतिक तस्वीर

इस चुनाव ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। अटलांटा से ताल्लुक रखने वाले किसी नेता को गवर्नर की कुर्सी पर बैठाने को लेकर मतदाताओं की पुरानी हिचकिचाहट इस बार टूट गई। इसके अलावा, जॉर्जिया ने अपने पहले अश्वेत सीनेटर राफेल वार्नॉक के साथ-साथ अपने पहले यहूदी सीनेटर जॉन ओसोफ को भी फिर से चुना है। बता दें कि बॉटम्स ने रिपब्लिकन गवर्नर ब्रायन केम्प का स्थान लिया है, जो कार्यकाल सीमा के कारण तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ सकते थे।

गुलाम बनाए गए जॉर्जियावासियों की वंशज रहीं किइशा लांस बॉटम्स ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान इतिहास रचने वाले इस पहलू से ज्यादा अपनी नीतियों और जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने अपने चुनावी एजेंडे में ये प्रमुख वादे किए हैं:

  • मेडकेड का विस्तार: सैकड़ों-हजारों और लोगों को स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाना।
  • वेतन वृद्धि: न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 15 डॉलर प्रति घंटा करना और शिक्षकों, अग्निशमन कर्मियों, पुलिस अधिकारियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाना।
  • गर्भपात प्रतिबंध पर रोक: गर्भावस्था के छठे हफ्ते के बाद के गर्भपात प्रतिबंध को समाप्त करना, जिसे उन्होंने जीवन और मरण का मुद्दा बताया है।
  • नए डेटा सेंटर के विकास पर रोक लगाना और कानून प्रवर्तन में इस्तेमाल होने वाले ऑटोमेटेड फ्लॉक कैमरों की संख्या पर विराम लगाना।
Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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