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Career Tips: कैसे बनें एग्रीकल्चर इंजीनियर, करें ये कोर्स होगी लाखों में कमाई, ये हैं देश के टॉप Agriculture College

How to Become Agriculture Engineer: भारत एक कृषि प्रधान देश है यही वजह है कि 60 फीसदी जनता कृषि पर निर्भर है। हायर टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ कृषि के क्षेत्र को भी मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जोड़ा जाने लगा है। ऐसे में एग्रीकल्चर इंजीनियर की डिमांड काफी ज्यागा बढ़ी है। अगर आप भी एग्रीकल्चर के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो यहां आपको बेस्ट कोर्स और टॉप कॉलेजों के बारे में जान सकते हैं।

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एग्रीकल्चर करियर स्कोप

Photo : Times Now Digital

How to Become Agriculture Engineer: 12वीं के बाद एग्रीकल्चर के फील्ड में पढ़ाई करके शानदार करियर बना सकते हैं।एग्रीकल्चर के लिए देश में कई प्रतिष्ठित कॉलेज हैं जो इंटरनेशनल लेवल की टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स कराते हैं। यही वजह है कि Agriculture Engineer की डिमांड देश में सबसे ज्यादा बढ़ी है। ऐसे में कई सवाल सामने आते हैं कि एग्रीकल्चर इंजीनियर क्या होता है? कैसे बन सकते हैं एग्रीकल्चर इंजीनियर? कृषि विज्ञान से जुड़े कोर्स और बेस्ट कॉलेज कौन से हैं? आइए ऐसे ही सवालों का जवाब यहां जानते हैं।

What is Agriculture Science: क्या है एग्रीकल्चर साइंस?

कृषि और उसमें इस्तेमाल होने वाले साइंस की पढ़ाई को एग्रीकल्चर साइंस कहते हैं। कृषि विज्ञा नमें मृदा खेती, फसल की खेती और कटाई, पशु पालन और उनसे जुड़े टेक्नोलॉजी शामिल हैं। मानव उपभोग और उपयोग के लिए पौधे और पशु उत्पाद पर निर्भर है। यह एक बहुत व्यापक क्षेत्र है। एग्रीकल्चर की पढ़ाई करके लाखों की नौकरी पा सकते हैं।

How to Become Agriculture Engineer: कैसे बनें एग्रीकल्चर इंजीनियर?

नेशनल और इंटनेशनल मार्केट में एग्रीकल्चर के विस्तार के साथ एग्रीकल्चर इंजीनियर्स की डिमांड भी काफी ज्यादा बढ़ने लगी है। एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग बनने के लिए सबसे पहले 12वीं के बाद किसी मान्यता प्राप्त Agriculture College में अंडर ग्रेजुएशन कोर्स में एडमिशन लें। एग्रीकल्चर इंजीनियर का काम कंप्यूटर एडेड टेक्नोलॉजी (सीएडी) का इस्तेमाल करके नए उपकरण और मशीनों को डिजाइन करना होता है।

मौजूदा खेती के तरीकों में सुधार करने से लेकर एक अच्छी फसल तैयार कराने तक की जिम्मेदारी एग्रीकल्चर इंजीनियर की होती है। इंजीनियर का काम एग्रीकल्चरल कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट की निगरानी करना भी होता है। इसके लिए गणित, विज्ञान की समझ होने के साथ ही समस्याओं के समाधान का कौशल होना चाहिए।

Top Courses in Agriculture: ये हैं एग्रीकल्चर के टॉप कोर्स

  • BTech एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग
  • BTech बायोटेक्नोलॉजी
  • BTech डेरी टेक्नोलॉजीॉ
  • BTech फूड टेक्नोलॉजी
  • BSc Hons एग्रीकल्चर
  • BSc Hons न्यूट्रीशियन एंड टेक्नोलॉजी
  • बैचलर्स ऑफ वेटेरनरी साइंसेज
  • BE फूड टेक्नोलॉजी

Top 10 Agriculture Colleges

कॉलेज का नामशहरराज्य
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थाननई दिल्लीदिल्ल
आईसीएआर – राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थानकरनालहरियाणा
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना लुधियानापंजाब
बनारस हिंदू विश्वविद्यालयवाराणसीउत्तर प्रदेश
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थानइज्जतनगर बरेलीउत्तर प्रदेश
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालयकोयंबटूरतमिलनाडु
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालयहिसारहरियाणा
जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगरपंतनगरउत्तराखंड
केंद्रीय मात्स्यिकी शिक्षा संस्थान, मत्स्य पालन विश्वविद्यालयमुंबई महाराष्ट्र
शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कश्मीरश्रीनगरजम्मू और कश्मीर
ऊपर बताए टॉप एग्रीकल्चर कॉलेजों के नाम NIRF Ranking 2024 के आधार पर हैं। ICAI दिल्ली में एग्रीकल्चरल रिसर्च इंस्टीट्यूट है। यहां एग्रीकल्चरल केमिकल्स, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल फिजिक्स, बायोकेमिस्ट्री, कंप्यूटर एप्लीकेशन जैसे 26 एकेडमिक डिपार्टमेंट्स हैं। इसी तरह टॉप एग्रीकल्चर कोर्स के बारे में जान लें।

Job Profile for Agriculture Engineering

Agriculture Engineering Career

एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग करियर स्कोप

Government Job for Agriculture Engineers: सरकारी नौकरी के मौके

एग्रीकल्चर कोर्स के बाद आप कई सरकारी नौकरियां पा सकते हैं - जैसे कि IBPS कृषि क्षेत्र अधिकारी (AFO), भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी और बहुत कुछ। शुरुआती आय 4 लाख से 5 लाख तक प्रतिवर्ष हो सकती है जोकि अनुभव के साथ-साथ बढ़ती रहती है। 4 से 6 साल के अनुभव के बाद एग्रीकल्चर इंजीनियर को 6 लाख-10 लाख रुपए प्रति वर्ष तक का सालाना पैकेज आसानी से मिल सकता है।

Ravi Mallick
Ravi Mallickauthor

<p>सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी का रहने वाला हूं। यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए लखनऊ आया और स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली।पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा। डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत अमर उजाला से हुई। इस दौरान कोरोना महामारी में जूझ रही जिंदगियों को देखा, उसके बारे में लिखा और लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया।साल 2020 से TV9 भारतवर्ष के साथ जुड़ा रहा। यहां शुरुआत दूनिया की खबरों से हुई। फ‍िर एजुकेशन सेक्शन के साथ काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए। रोजगार, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट पर काम करने का मौका मिला। स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है। युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है। बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है। युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता है। फरवरी 2024 से Times Network में timesnowhindi.com के एजुकेशन टीम के साथ जुड़ा हूं।</p>

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