Hindi Diwas Special: चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय कैंपस और इससे एफिलेटेड सभी कॉलेजों में एमए हिंदी में प्रवेश लेने का अवसर है। हिंदी दिवस 2023 के मौके पर जानें, यहां कितनी सीट्स खाली है। क्या हिंदी में मेडिकल और इंजीनियरिंग करने का भी विकल्प है?
बता दें, उपरोक्ट कॉलेजों में 1620 सीटों पर 1554 आवेदन आए हैं, लेकिन कई कॉलेज ऐसे भी हैं जहां छात्र हिंदी में प्रवेश चाहते हैं, क्योंकि वे हिंदी में पढ़ाई करने में सहज हैं। हिंदी में पढ़ाई करने वालों छात्रों की संख्या बहुत ज्यादा सामने आई है। इसी बीच हिंदी में इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई की बात भी काफी हाईलाइट है।
हिंदी में डॉक्टरी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में मातृभाषा पर अधिक जोर दिया जा रहा है, इसलिए इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में भी हिंदी में पढ़ाई के रास्ते बनने लगे हैं। मेरठ मेडिकल कॉलेज की बात करें, तो यहां एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में शुरू हो चुकी है इच्छुक उम्मीदवार यहां हिंदी में डॉक्टरी कर सकते हैं। इसके अलावा डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विवि में भी इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी में उपलब्ध होने लगी हैं। यानी डॉक्टरी व इंजीनियरिंग दोनों के लिए हिंदी में पढ़ाई के दरवाजे खुल रहे हैं।
चौ.चरण सिंह विवि 2010 से ही प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई हिंदी में करने का विकल्प दे चेका है। केंद्र सरकार स्तर पर बात करें तो केवल अंग्रेजी में ही उपलब्ध किताबों का हिंदी में अनुवाद शुरू कराने का काम चल रहा है। यही नहीं टेक्निकल शब्दों को भी सरल तरीके से समझाने पर फोकस किया जा रहा है।
किन कोर्स की पढ़ाई है हिंदी में
चौ.चरण सिंह विवि में बीबीए, बीसीए, एलएलबी और बीटेक में प्रवेश लेने वाले छात्रों को हिंदी में पढ़ाई करने का विकल्प मिला है जबकि मेडिकल कॉलेज में स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई हिंदी में शुरू हो चुकी है।
