Drug Screening in Himachal Pradesh : हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। हाल ही में सरकार ने ऐलान किया है कि अब राज्य में सभी सरकारी नौकरियों के लिए चिट्टा टेस्ट यानी ड्रग टेस्ट अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार का कहना है कि युवाओं में बढ़ते नशे के मामलों को देखते हुए ये कदम उठाया जा रहा है ताकि सरकारी सेवाओं में नशामुक्त और जिम्मेदार कर्मचारियों की भर्ती हो सके। मुख्यमंत्री ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा की और संकेत भी दिए कि भर्ती प्रोसेस में मेडिकल जांच के साथ ड्रग टेस्ट को भी शामिल किया जा सकता है।
तेजी से फैल रहा ड्रग्स नेटवर्क
दरअसल, बीते कुछ सालों से हिमाचल में चिट्टा यानी कि सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क बड़ी तेजी से फैला है। खासकर युवाओं में इसकी लत चिंता का एक बड़ा कारण बन चुकी है। पुलिस लगातार ड्रग तस्करों के खिलाफ भी अभियान चला रही है लेकिन अब सरकार इसे जड़ से खत्म करने की प्लानिंग में है और इसी कड़ी में सरकारी नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों के लिए ड्रग टेस्ट अनिवार्य करने की योजना बनाई जा रही है।
चिट्टा स्क्रीनिंग पर सरकार ने क्या कहा ?
सरकार का मानना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में ड्रग टेस्ट लागू हो जाता है तो युवाओं में नशे के प्रति डर पैदा होगा और वे इससे दूर रहने की कोशिश करेंगे। साथ ही सरकारी विभागों में अनुशासन और कार्यक्षमता भी बेहतर होगी। सूत्रों के मुताबिक, ये टेस्ट पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में भर्तियों में लागू किया जा सकता है। इस बीच प्रस्ताव को लेकर प्रदेश में भी बहस शुरू हो गई है। इसे लोग युवाओं को नशे से बचाने के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि सरकार को सिर्फ टेस्ट कराने की बजाय नशा मुक्ति अभियान, जागरूकता और रोजगार के मौकों पर भी ध्यान देना चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ड्रग टेस्ट तभी प्रभावी होगा जब इसके साथ मजबूत पुनर्वास नीति और कड़ी कानूनी कार्रवाई भी हो।
क्या बोले CM ?
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि युवाओं को नशे की लत से दूर रखने के लिए ये बेहद जरूरी है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, फार्मेसी और अन्य प्रोफेशनल कोर्सेज करने वाले सभी छात्रों की हर साल ड्रग स्क्रीनिंग भी करवाई जाएगी। सरकार इसके लिए नियमित रूप से ड्र्ग स्क्रीनिंग भी करवाएगी। मेडिकल टेस्ट में पास होने वालों को कोई सजा नहीं मिलेगी लेकिन उनका इलाज किया जाएगा।
चिट्टा क्या होता है ?
चिट्टा एक बेहद ही खतरनाक और नशीला सिंथेटिक ड्रग है, जो मुख्य रूप से हेरोइन का एक प्रकार है। ये सफेद पाउडर के रूप में होता है और हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ समय से युवाओं के बीच ये तेजी से फैल रहा है।
