INS विक्रांत... भारत की नौसेना की ताकत में जुड़ा एक नया अध्याय, 43 हजार टन वजनी युद्धपोत है। पूरी तरह से भारत में बना है। और देश की समुद्री सीमाओं का अभेद कवच बन चुका है। INS विक्रांत भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी रूप से निर्मित विमानवाहक पोत है। विक्रांत के नाम ही नहीं बल्कि इसके काम में भी दम है। ये भारत की सबसे बड़ी और जटिल युद्धपोत परियोजनाओं में से एक है, जिसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने डिजाइन किया और बनाया है। आईएएन विक्रांत आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया एक बड़ा प्रतीक है। हाल ही में देश की समुद्री ताकत का ये कवच फिर चर्चा में आया, जब दिवाली के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने नौसेना के जवानों के साथ मिलकर इसपर ये पावन त्योहार मनाया।
पीएम ने नौसेना के वीर जवानों संग INS Vikrant पर मनाई दिवाली
प्रधानमंत्री मोदी का आईएएन विक्रांत पर देश के वीर जवानों के साथ दिवाली को सेलिब्रेट करने का ये पल इस बात का गवाह है कि जहाज मात्र लोहे का ही ढांचा नहीं है बल्कि सशस्त्र सेनाओं की सांस लेती हुई शक्ति है। पूरी तरह से भारत में बना आईएनएस विक्रांत देश की बढ़ती हुई तकनीकी क्षमता और इंटरनेशनल स्तर पर भारत की बढ़ती समुद्री ताकत का सबसे बड़ा सबूत है। चलिये समझते हैं कि आईएनएस विक्रांत का मतलब क्या है।

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किसने बनाया आईएनएस विक्रांत?
आईएनएस शब्द का मतलब है साहसी या फिर विजयी। इसे भारतीय नौसेना की शक्ति को बढ़ाने के लिए वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने डिजाइन किया और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड कोच्चि में बनाया गया। आईएनएस विक्रांत के सिर्फ नाम की बात करें तो ये भारत के पहले विमानवाहक पोत के गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाता हुआ नजर आता है। विक्रांत को साल 2022 में नौसेना में शामिल किया गया था।
क्या है INS विक्रांत?
आईएनएस विक्रांत भारत में बना सबसे बड़ा युद्धपोत है। अगर इसे चलता फिरता शहर भी कहा जाए, तो कुछ गलत नहीं होगा। आईएनएस विक्रमादित्य के बाद ये भारत का दूसरा परिचालक विमानवाहक पोत है, जिसने साल 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी। बता दें कि आईएनएस विक्रांत 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है। यानी कि अगर दो फुटबॉल मैदान मिला लिए जाएं तो इसकी लंबाई चौड़ाई इतनी ही होगी। इससे आप इसकी विशालता का अंदाजा लगा सकते हैं।

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क्या है आईएनएस विक्रांत की खासियत?
INS विक्रांत एक ऐसा युद्धपोत है, जिसमें एक बार में 30 एयरक्राफ्ट तैयार किए जा सकते हैं। इसे तैयार करने में 10 साल से भी ज्यादा का समय लगा। चलिये बात करते हैं भारत की नौसेना की ताकत आईएनएस विक्रांत की खासियत के बारे में...

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- विक्रांत भारत का पहला पूरी तरह से स्वदेशी विमानवाहक पोत है। इसे बनाने में 76 प्रतिशत सामग्री और उपकरण पूरी तरह से स्वदेशी हैं।
- आईएनएस विक्रांत लगभग 45,000 टन भारी है। इसकी लंबाई 262 मीटर और चौड़ाई 62 मीटर है।
- विक्रांत में एक बार में 30 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर आ सकते हैं। इनमें मिग-29 के लड़ाकू जेट, कामोव-31 और MH-60R मल्टी रोल हेलीकॉप्टर शामिल हैं।
- आईएनएस विक्रांत में एक बार में 1600 से भी ज्यादा कर्मी तैनात हो सकते हैं। ये भारत की समुद्री शक्ति का प्रतीक है।
- आईएनएस विक्रांत को बनने में 20,000 करोड़ से भी ज्यादा का बजट लगा था।
पीएम ने नौ सैनिकों संग मनाई दिवाली
बताते चलें कि इस बार की दिवाली पीएम मोदी ने नौसेना के जवानों के साथ मिलकर आईएनएस विक्रांत पर मनाई। के मौके पर समंदर पर पहरा देते भारत के योद्धा और पीएम मोदी आईएनएस विक्रांत पर ही रहे। पीएम ने कहा कि ये सिर्फ युद्धपोत ही नहीं है बल्कि भारत के हार्ड वर्क, टैलेंट, और लगन का गवाह है।
दुनिया की दमदार सेनाओं में है Navy का दबदबा
बताते चलें कि शक्ति और पराक्रम के मामले में नौसेना कहीं भी पीछे नहीं है। भारतीय नौसेना के पास 150 जहाज और पनडुब्बियां हैं, जिसमें अलग-अलग तरह के युद्धपोत जैसे कि विमान वाहक, विध्वंसक, फ्रिगेट और पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके अलावा बेड़े में 135 एक्टिव युद्धपोत, 2 एक्टिव विमान वाहक हैं। इसके अलावा भारतीय नौसेना के बेड़े में 13 विध्वंसक, 14 फ्रिगेट, 18 कोर्वेट, 29 ओशियल पेट्रोल वेसल, 5 युद्धपोत और 19 पनडुब्बियां शामिल हैं। भारत की नौसेना का दबदबा दुनिया की 10 सबसे दमदार सेनाओं में है।
