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डीयू के सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉर्ट्स पहनने पर रोक, नए एकेडमिक सेशन के पहले ही दिन छात्रों ने जताया विरोध

St Stephen College Dress code Row: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही ड्रेस कोड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कैंपस के कई हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाने के फैसले का छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है। नए सत्र के पहले ही दिन कई छात्र शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

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दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में शॉट्स पहनने पर बैन

St Stephen College Dress code Row: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही ड्रेस कोड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कॉलेज प्रशासन द्वारा कैंपस के कई हिस्सों में शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाने के फैसले का छात्रों ने विरोध शुरू कर दिया है। नए सत्र के पहले ही दिन कई छात्र शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कॉलेज की ओर से जारी नोटिस में ड्रेस कोड को अनुशासन और संस्थान की गरिमा से जोड़ते हुए सभी छात्रों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है। हालांकि, छात्रों के विरोध पर कॉलेज प्रशासन की ओर से अभी तक कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

नए एकेडमिक सेशन के पहले दिन मंगलवार को कई छात्र जानबूझकर शॉर्ट्स पहनकर कॉलेज पहुंचे। छात्रों ने इसे शांतिपूर्ण विरोध का तरीका बताते हुए कहा कि वे इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि यदि कॉलेज प्रशासन उनकी बात नहीं सुनता है तो आने वाले दिनों में विरोध और तेज हो सकता है।

कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि क्लासरूम, असेंबली हॉल, लाइब्रेरी, डाइनिंग हॉल और चैपल जैसे स्थानों पर छात्रों को शॉर्ट्स पहनने की अनुमति नहीं होगी। नोटिस में "सभी जूनियर सदस्यों" से ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। इस नोटिस पर कॉलेज की नई प्रिंसिपल सुसान एलियास के हस्ताक्षर हैं।

नोटिस में क्या लिखा है?

नोटिस में क्या लिखा है?

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

सेंट स्टीफंस कॉलेज के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। एक वर्ग कॉलेज के ड्रेस कोड का समर्थन करते हुए इसे संस्थान की परंपरा और अनुशासन के लिए जरूरी बता रहा है, जबकि दूसरे वर्ग का कहना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

छात्रों ने फैसले पर उठाए सवाल

कॉलेज के इस निर्णय से छात्रों में नाराजगी देखी जा रही है। विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि कॉलेज में पढ़ाई और अनुशासन का संबंध कपड़ों से नहीं होना चाहिए। उनका आरोप है कि यह नियम केवल जूनियर छात्रों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि सीनियर छात्रों पर भी लागू किया जा रहा है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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